कांग्रेस ने महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों के बाद चुनाव आयोग को कड़ा पत्र भेजकर इन चुनावों की प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने की जोरदार मांग की है। पार्टी ने चुनाव आयोग से मशीन-रीडेबल डिजिटल वोटर लिस्ट की कॉपी और मतदान दिवस की CCTV तथा वेबकास्ट वीडियो फुटेज एक सप्ताह में उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है ।
ECI से शीघ्र डेटा मांगकर चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता कायम रखने की कांग्रेस रणनीति
इस बीच, चुनाव आयोग ने जून 12 को राहुल गांधी को यह पत्र भेजकर उनसे बैठक का प्रस्ताव दिया—लेकिन कांग्रेस ने अब तक इसमें कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है । आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट, जो Special Summary Revision प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों को दी जाती है, वह विधिक रूप से उपलब्ध है, जबकि CCTV और वेबकास्ट फुटेज केवल आंतरिक मॉनिटरिंग के लिए होती है और इन्हें 45 दिनों की अवधि के बाद नष्ट कर दिया जाता है, जैसा कि Representation of the People Act के तहत निर्धारित है ।
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राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की इस नीति को “सबूत नष्ट करने” की साजिश बताते हुए इसे “मैच फिक्स्ड” करार दिया और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए “जहर” है । महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समिति (MPCC) अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकल ने भी वोटर वृद्धि और वीडियो फुटेज की कमी को लेकर आयोग पर दबाव बनाया, लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने इसका जवाब देते हुए इसे शहरीकरण का प्राकृतिक परिणाम बताया और कथित आरोपों को खारिज कर दिया ।

