यूरोपीय संघ (ईयू) ने यूक्रेन को 2027 तक वित्तीय सहायता देने के अपने फैसले को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे युद्धग्रस्त देश को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। इस निर्णय पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने खुशी जताई और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। ब्रुसेल्स में हुई यूरोपीय संघ परिषद की बैठक में बतौर मेहमान जेलेंस्की भी शामिल हुए। हालांकि, रूस की जब्त संपत्तियों का इस्तेमाल यूक्रेन की मदद के लिए करने पर अभी ईयू में सहमति नहीं बन पाई है। बेल्जियम ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया और इसके लिए तीन शर्तें रखीं, जिनके पूरे होने पर ही वह समर्थन देगा।
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बेल्जियम बना अड़चन, यूक्रेन के लिए रूसी संपत्तियों पर नहीं बनी सहमति
जेलेंस्की ने यूरोपीय संघ से आग्रह किया कि रूस की जब्त संपत्तियों से यूक्रेन को 140 अरब यूरो का कर्ज दिया जाए, लेकिन बेल्जियम के विरोध के चलते यह प्रस्ताव फिलहाल टल गया। रॉयटर्स और गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ईयू नेताओं ने अगले दो वर्षों तक यूक्रेन को आर्थिक और रक्षा संबंधी जरूरतों के लिए सहायता देने का आश्वासन दिया है। अब तक ईयू ने विभिन्न रूपों में करीब 177.5 अरब यूरो की मदद दी है। यह सहायता “यूक्रेन फैसिलिटी” नामक कार्यक्रम के तहत दी जा रही है, जिसके अंतर्गत 2024 से 2027 तक लगभग 50 अरब यूरो के पैकेज की व्यवस्था की गई है। बेल्जियम का कहना है कि रूस की संपत्तियों का उपयोग करने से पहले वित्तीय और कानूनी जोखिमों पर सहमति बननी जरूरी है।
ईयू नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई है कि यूक्रेन की मदद लगातार जारी रखी जाएगी, लेकिन रूस की संपत्तियों को फिलहाल “निष्क्रिय” रखा जाएगा, जब तक रूस युद्ध समाप्त नहीं करता और यूक्रेन को मुआवजा नहीं देता। यह फैसला यूक्रेन को अल्पकालिक आर्थिक राहत जरूर देगा, लेकिन रूस की जब्त संपत्तियों के उपयोग पर अंतिम सहमति बनने में अभी समय लग सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेल्जियम की शर्तें पूरी होने के बाद ही इस मुद्दे पर ठोस प्रगति संभव होगी।

