तीन दिवसीय राजकीय शोक के बाद सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री शपथ ली। इसके साथ ही, उन्होंने आबकारी, अल्पसंख्यक कल्याण और क्रीड़ा-युवा कल्याण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि, इस त्वरित शपथग्रहण ने बारामती से मुंबई तक राजनीतिक हलचल और सवालों को जन्म दिया।
इस बीच, शरद पवार ने स्पष्ट किया कि परिवार को शपथग्रहण की कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने आगे कहा कि एनसीपी और एनसीपी-एसपी के विलय पर फिलहाल कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं था। साथ ही, उन्होंने दोहराया कि अजित पवार के साथ पुनर्मिलन वार्ता अंतिम चरण में थी।
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सुनेत्रा पवार को पीएम मोदी–शाह की शुभकामनाएं, एनसीपी बैठक में नेता चुने जाने से सियासत तेज
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने सुनेत्रा पवार को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि वह दिवंगत अजित पवार की सोच को आगे बढ़ाएंगी। इसके बाद, सुनेत्रा पवार ने दोनों नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए जनसेवा का संकल्प दोहराया।
इसी दौरान, मुंबई में एनसीपी विधायकों की बैठक में सुनेत्रा पवार को नेता चुना गया। वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल के प्रस्ताव को कई कैबिनेट मंत्रियों का समर्थन मिला। इसके परिणामस्वरूप, सुनेत्रा पवार ने देवगिरी से लोक भवन पहुंचकर शपथ ग्रहण किया।
अंततः, शरद पवार ने बताया कि विलय की घोषणा बारह फरवरी को होने वाली थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत में भाजपा से हाथ मिलाने पर कोई चर्चा नहीं हुई। फिलहाल, यह घटनाक्रम एनसीपी की आंतरिक राजनीति और भविष्य की दिशा तय करता दिख रहा है।
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