भारत और इंग्लैंड के बीच Lords में जारी तीसरे टेस्ट मैच में रोमांच अपने शिखर पर पहुंच गया है। चौथा दिन उतार-चढ़ाव से भरा रहा, जहां भारतीय ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार अहम विकेट झटके और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इंग्लैंड की दूसरी पारी को भारत ने कम स्कोर पर समेटा और जीत के लिए 193 रनों का लक्ष्य मिला। हालांकि, लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत काफी खराब रही।
193 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। दूसरे ही ओवर में सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद करूण नायर ने 14 रन बनाए, लेकिन वह भी लंबी पारी नहीं खेल सके। कप्तान शुभमन गिल से बड़ी उम्मीदें थीं, मगर वह भी सिर्फ 6 रन बनाकर ब्रायडन कार्स का शिकार बने। नाइट वॉचमैन के तौर पर भेजे गए आकाश दीप भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और बेन स्टोक्स ने उन्हें पवेलियन की राह दिखा दी।
क्या Lords पर 200 से कम रन बचाना संभव है? इतिहास में अब तक सिर्फ 3 बार हुआ ऐसा चमत्कार
दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 4 विकेट के नुकसान पर 58 रन बना लिए थे। अभी भी भारत को जीत के लिए 135 रन की दरकार है, जबकि इंग्लैंड को सीरीज में बढ़त हासिल करने के लिए 6 विकेट लेने होंगे। इंग्लिश टीम की कोशिश रहेगी कि वह भारत को कम स्कोर पर रोककर ऐतिहासिक मैदान पर मुकाबला अपने नाम करे। लेकिन सवाल ये है कि क्या लॉर्ड्स जैसी पिच पर 200 से कम के लक्ष्य को बचाना संभव है? दरअसल, टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में लॉर्ड्स के मैदान पर ऐसे मौके गिनती के ही रहे हैं, जब किसी टीम ने 200 रन या उससे कम के लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव किया हो। आइए जानते हैं अब तक कब-कब ऐसा हुआ है।
लॉर्ड्स में अब तक सिर्फ तीन बार 200 से कम लक्ष्य डिफेंड हुआ है और तीन में से 2 बार मेजबान इंग्लैंड ने यह कमाल किया है। साल 1888 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैच में पहली बार ऐसा हुआ था। ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ 124 रन डिफेंड किए थे। इसके बाद साल 1955 में इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 183 रनों का लक्ष्य डिफेंड किया था। आखिरी बार यहां 200 से कम रनों का लक्ष्य 2019 में डिफेंड हुआ था। तब इंग्लैंड ने आयरलैंड के खिलाफ यह कारनामा किया था।

