एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने लगातार छींटाकशी और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन तिलक वर्मा ने शांतिपूर्वक अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखा। उन्होंने मैदान पर किसी से बहस नहीं की और अपने बल्ले से जवाब देने का फैसला किया। भारत ने इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में पाकिस्तान को पांच विकेट से हराया, और तिलक ने नाबाद 69 रन बनाकर टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस जिम्मेदार पारी ने न केवल मैच का रुख बदला बल्कि दर्शकों और देशवासियों का मनोबल भी बढ़ाया।
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पाकिस्तान दबाव में तिलक ने देश को प्राथमिकता दी
दुबई से लौटने के बाद तिलक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शुरुआती दबाव और तनाव बहुत था, लेकिन उन्होंने हमेशा देश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि अगर मैं दबाव में आ जाता तो केवल खुद को ही नहीं, बल्कि पूरे देश के 140 करोड़ लोगों को निराश करता। उन्होंने मैच के दौरान अपने फोकस को टीम और जीत पर रखा और किसी भी विवाद या आलोचना में शामिल नहीं हुए। तिलक ने यह भी बताया कि मैदान पर उन्होंने मानसिक रूप से खुद को तैयार रखा और अपनी ऊर्जा केवल खेल पर ही लगाई।
तिलक ने बताया कि उन्होंने अपने शुरुआती दिनों की सीख और कोचों की दी हुई तकनीक पर भरोसा किया, जिससे दबाव के समय भी खेल पर नियंत्रण बना रहा। उन्होंने गेंद दर गेंद रणनीति अपनाई और अंतिम ओवर तक मानसिक रूप से शांत बने रहे, जब भारत को 10 रन की आवश्यकता थी। उनका पूरा ध्यान रन-चेज और टीम की जीत पर था, न कि किसी विवाद पर। तिलक ने कहा कि एशिया कप जीतना ही सबसे बड़ा और सही जवाब था। उन्होंने गर्व से कहा कि टीम ने सही रणनीति और अनुशासन के साथ खेलते हुए खिताब हासिल किया।

