जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश सहित उत्तर पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में आंधी, तूफान और बिजली के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में भी भारी बारिश हो रही है। अगले चार से पांच दिनों तक इन क्षेत्रों के अलावा निकोबार द्वीपसमूह, पश्चिम, मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी गरज और बिजली के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
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पूर्वी भारत के ज्यादातर इलाकों में भीषण गर्मी और लू चल सकती है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को बताया कि सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान जम्मू-कश्मीर, हरियाणा चंडीगढ़, मराठवाड़ा, मेघालय, तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 60-70 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलीं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, तमिलनाडु पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर हवा की गति 30-60 किमी प्रति घंटे रही। पश्चिमी मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र और कच्छ, असम और मेघालय, त्रिपुरा, निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। वहीं, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर ओले भी गिरे।
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सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कब और कहां देखने को मिलेगा?
आईएमडी ने बताया कि पंजाब के ऊपर निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक पश्चिम विक्षोभ सक्रिय है। उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान के ऊपर दो अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बनी हुई है। बिहार, झारखंड और असम में भी मौसम संबंधी कुछ ऐसी प्रणालियां बनी हुई हैं। इनके प्रभाव से 13 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में, 16-17 मई को हिमाचल प्रदेश और 14 मई को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और गरज व बिजली के साथ छिटपुट से मध्यम स्तर की वर्षा हो सकती है।
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पश्चिम भारत में मौसम की स्थिति कैसी रहेगी?
कोंकण और गोवा में 13 और 4 मई को, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 14-16 मई के दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं जिनकी गति बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा में मंगलवार को 50-60 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पूर्वी और मध्य भारत
मौसम विभाग के मुताबिक, 12 और 13 मई को छत्तीसगढ़ में गरज, बिजली और 60 किमी प्रति घंटे के हवा के झोकों के साथ अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। 16 मई तक मध्य प्रदेश, 13-15 मई के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, 16 मई को झारखंड, 15-16 मई तक झारखंड, बिहार और 14 मई को ओडिशा में 50 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं और भारी वारिश भी हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में बेहद भारी बारिश की आशंका जताई गई है
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में 16 मई तक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 मई तक गरज, बिजली और तेज हवाएं के साथ व्यापक रूप से भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 13 मई को मेघालय में वर्षा की मात्रा अत्यधिक रहने की संभावना है।
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लू, तेज गर्मी और उमस भरे मौसम को लेकर चेतावनी जारी
14-18 मई के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 14 व 15 मई को उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और 15 मई के गंगा के तटीय इलाओं, 13-15 मई के दौरान झारखंड में भीषण गर्मी पड़ने और लू चलने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मंगलवार को, 16 मई तक बिहार में गर्म और आर्द्र मौसम बना रहेगा और 13 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर रात के समय भी भीषण गर्मी की संभावना है। मंगलवार से पश्चिम राजस्थान के कई इलाकों में लू चल सकती है और पारा 2-3 डिग्री तक चढ़ सकता है। बीकानेर और जोधपुर समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में 44-45 डिग्री सेल्सियस तक अधिकतम तापमान जा सकता है।
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मराठवाड़ा में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के बीड और लातूर जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह घटना रविवार को हुई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि बीड के साथ ही नांदेड़ जिले में वर्षा जनित घटनाओं में कुछ मवेशियों की भी मौत हो गई है। सोमवार को नासिक शहर में बेमौसमी बरसात से कई इलाकों में पानी भर गया है। इससे प्याज, आम और सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है
दक्षिण पश्चिम मानसून निर्धारित समय और तरीके से आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से पिछले 24 घंटों के दौरान निकोबार द्वीप समूह में व्यापक वर्षा के साथ-साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। मंगलवार तक अंडमान सागर, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसके असर से अगले 24 घंटे के दौरान निकोबार द्वीप समूह में वर्षा की गतिविधि में वृद्धि होने की संभावना है, जो व्यापक वर्षा में बदल जाएगी और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होगी।
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त्रिपुरा में तूफान से 1,800 घरों को नुकसान पहुंचा
पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा में तूफान ने भारी तबाही मचाई है। रविवार और सोमवार को तेज हवा और बारिश के साथ आए तूफान ने राज्यभर में 1,800 से अधिक घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और लगभग एक हजार लोगों को विस्थापित कर दिया।
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ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया
भारतीय मौसम विभाग के अगरतला केंद्र ने त्रिपुरा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले चार दिनों तक भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं की संभावना जताई गई है।
सैकड़ों लोग बेघर हो गए, और राहत शिविरों में शरण ली
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के मुताबिक तूफान से पश्चिम त्रिपुरा जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा। अकेले मोहनपुर उप-मंडल में ही 51 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए, 614 बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए और 1,145 घर आंशिक रूप से प्रभावित हुए। प्रभावित लोगों को आश्रय देने के लिए जिला प्रशासन ने चार राहत शिविर स्थापित किए हैं। सबसे बड़ा राहत शिविर अखिलाचेरा में बनाया गया है, जहां 153 परिवारों के 455 लोगों ने शरण ले रखी है।
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