हरियाणा में बर्बादी की बारिश ने तबाही मचाई हुई है। हरियाणा के अंबाला और भूना में घरों में पानी घुस गया है। अस्पतालों, स्कूलों और कॉलोनियों में पानी भर गया है। तीन जिलों के ड्रेनों में दरार आ गई है। लाडवा में तटबंध भी टूट गया है।
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हरियाणा : ड्रेन टूटने से करीब 300 एकड़ में फसलें डूबीं
फतेहाबाद के भूना में बाढ़ जैसे हालात हैं। यहां 73 गांवों में जलभराव है। 600 घरों में पानी घुस गया है। लोग बेहाल हो गए हैं। करीब 80 परिवार पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।हिसार में घिराय और कैमरी गांव के पास घग्गर ड्रेन टूट गई। इससे लगभग 300 एकड़ फसल डूब गई। बहादुरगढ़ में दिल्ली सीमा पर मुंगेशपुर ड्रेन 50 फीट तक टूट गई। इसका पानी झाड़ौदा कलां के पास गीतांजलि एन्क्लेव कॉलोनी में घुस गया। कई घरों में पानी भर गया।भिवानी जिले में लगभग 4700 एकड़ फसल डूब गई। कई गांवों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी स्कूलों में भी पानी भर गया। सोनीपत में यमुना नदी का पानी खेतों में घुस गया। कई घर पानी से घिर गए।
गन्नौर में तेज आंधी से 130 खंभे और 38 ट्रांसफॉर्मर गिर गए। रोहतक जिले में 30 हजार एकड़ से ज्यादा फसलें डूब गईं। यहां 41 गांव प्रभावित हुए हैं।सिरसा के चौपटा में हिसार घग्गर ड्रेन गांव गुडिया खेड़ा के पास बुधवार को टूट गई। हालांकि, ग्रामीणों ने तुरंत कार्रवाई कर लीकेज को काबू कर लिया। कैथल जिले के छह गांवों में भी नदी का पानी घुस आया है।
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झज्जर: 3 हजार एकड़ फसल डूबी, 9 गांव जलमग्न
ड्रेन नंबर-आठ में पानी का बहाव ज्यादा है। बारिश के चलते बेरी, साल्हावास और झज्जर में तीन हजार एकड़ में फसलें डूबी हैं। माजरा बी, माजरा डी, मलिकपुर समेत नौ गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। भंभेवा, दूबलधन बिध्याण, किरमाण, जहाजगढ़ के सरकारी स्कूलों में पानी भरा हुआ है। जिले में करीब 60 हजार एकड़ फसलें जलमग्न हैं। 30 गांवों के बाहरी बस्तियों और ढाणियों में पानी भरा हुआ है। 36 स्कूलों के परिसर में जलभराव है। मिर्जापुर में करीब 20 मकान मालिकों को जलभराव के कारण मकान खाली करने पड़े हैं। फतेहाबाद और सिरसा में घग्गर नदी में उफान के बावजूद अभी जलस्तर अभी खतरे के निशान के नीचे है। सिरसा में ओटू हेड में सुबह 21 हजार क्यूसेक जलस्तर था।
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