इंडोनेशिया के लोकप्रिय पर्यटन स्थल बाली के पास एक दर्दनाक समुद्री हादसा हुआ है. बुधवार देर रात ‘केएमपी तुनु प्रतम जया’ नामक एक यात्री नौका समंदर में डूब गई. यह नौका पूर्वी जावा के केतापंग बंदरगाह से रवाना होकर बाली के गिलिमानुक बंदरगाह की ओर जा रही थी, लेकिन रवाना होने के करीब आधे घंटे के भीतर ही तेज लहरों की चपेट में आकर डूब गई.
नाव में कुल 65 लोग सवार थे, जिनमें 53 यात्री और 12 क्रू सदस्य शामिल थे. इसके अलावा नौका में 22 वाहन भी थे, जिनमें 14 ट्रक शामिल बताए गए हैं। अब तक 4 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 23 लोगों को जीवित बचा लिया गया है. इनमें से कुछ को बेहोशी की हालत में समुद्र से निकाला गया. राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है.
इंडोनेशिया में नाव हादसों का बढ़ता सिलसिला
हादसे के बाद से ही नौ बोट्स, जिसमें दो टग बोट्स और दो इनफ्लेटेबल रेस्क्यू बोट्स शामिल हैं लगातार तलाशी अभियान में जुटे हुए हैं. रात के अंधेरे और 2 मीटर तक ऊंची उठती लहरों के बीच राहत टीमों ने हर एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश की. मगर अब भी 38 लोग लापता हैं, जिनकी सलामती की दुआ पूरे देश में की जा रही है. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि नाव के इंजन में तकनीकी खराबी की जानकारी खुद ऑपरेटर ने दी थी. इसके कुछ देर बाद ही वह डूब गई. इस हादसे की जांच अब जोरों पर है.
इंडोनेशिया में नौकाओं से सफर आम बात है, लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी अक्सर जानलेवा साबित होती है. सिर्फ पिछले महीने ही बाली तट के पास एक टूरिस्ट बोट पलट गई थी, जिसमें 89 लोगों को बचा लिया गया था. वहीं मई में बेंगकुलु प्रांत में एक लकड़ी की नाव डूबने से 7 पर्यटकों की मौत हुई थी. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बचाव अभियान के दौरान कई एंबुलेंस मौके पर तैनात रहीं और तटीय इलाकों में लोगों की भीड़ अपनों की खबर पाने के लिए जुटी रही.

