सुप्रीम कोर्ट ने कंगना रनौत को किसान आंदोलन पर उनके पोस्ट मामले में राहत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि यह कोई साधारण पोस्ट नहीं थी, इसमें मसाला डाला गया था। न्यायालय ने कंगना से पूछा कि वह अपनी टिप्पणियों के बारे में क्या कहती हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस पोस्ट की व्याख्या को खारिज करने की याचिका स्वीकार्य नहीं हो सकती। इस मामले में कंगना का स्पष्टीकरण निचली अदालत के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।कंगना रनौत ने मानहानि की शिकायत को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली है। इस मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने याचिका पर विचार करने में अनिच्छा जताई। पीठ के रवैये के बाद, कंगना के वकील ने याचिका वापस लेने का फैसला किया।
Also Read : भारत में पढ़े बिजली मैन कुलमान घीसिंग अब नेपाल के PM पद की रेस में शामिल
कंगना रनौत ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली
यह याचिका किसान आंदोलन के दौरान कंगना की एक महिला प्रदर्शनकारी पर की गई टिप्पणी से जुड़ी थी। जनवरी 2021 में महिंदर कौर ने पंजाब के बठिंडा में कंगना के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि कंगना ने रीट्वीट में उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए। महिंदर ने कहा कि कंगना ने उन्हें शाहीन बाग प्रदर्शन की “दादी” बताया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
कोर्ट ने कहा कि कंगना के खिलाफ आरोप स्पष्ट हैं और उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया और कहा कि ऐसे आरोप बर्दाश्त नहीं होंगे। अदालत ने स्पष्ट किया कि शिकायत दुर्भावनापूर्ण नहीं मानी जाएगी। यह मामला कंगना की सोशल मीडिया गतिविधियों और राजनीतिक पहचान से जुड़ा है।मामले की अगली सुनवाई निचली अदालत में होगी। फिलहाल, कंगना ने याचिका वापस लेकर अपनी दलीलों को सीमित किया है। कोर्ट ने कानून के तहत किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपों पर कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है।
Also Read : एशिया कप: संजय मांजरेकर बोले– पाक मैच में नहीं खेलेंगे कुलदीप, चयनकर्ताओं पर हमला

