• Fri. Apr 24th, 2026
    कमला
    • कमला हैरिस ने अपनी किताब 107 डेज में चुनाव प्रचार के अनुभव साझा किए हैं।
    • उन्होंने लिखा कि ट्रंप से हारने की खबर ने उन्हें गहरा झटका दिया था।
    • हार की खबर सुनकर हैरिस को ऐसा लगा मानो सब कुछ अब खत्म हो गया।
    • उस पल वे मुश्किल से सांस ले पा रही थीं और बहुत ज्यादा घबरा गईं।
    • हैरिस ने मन ही मन सोचा, अब देश का भविष्य किस दिशा में जाएगा।

    Also Read : एशिया कप 2025: रमीज राजा का मैच रेफरी पायक्रॉफ्ट पर विवादित बयान रिकॉर्ड ने किया सच उजागर

    जो बाइडन और कमला की साझेदारी

    हैरिस ने बताया कि वे जो बाइडन की क्षमता पर भरोसा करती थीं, पर उम्र दिखी। बहस के दौरान बाइडन थके हुए और बोलने में हिचकिचाते हुए लग रहे थे। हैरिस को महसूस हुआ कि अब बाइडन रेस में बने रहना मुश्किल है। बाइडन के हटने पर हैरिस ने जिम्मेदारी संभाली और नेतृत्व की कमान ली। बाइडन की पत्नी ने हैरिस से पूछा कि क्या वे टीम के साथ हैं। हैरिस ने बताया कि ट्रंप पर जानलेवा हमले के बाद उन्होंने उन्हें फोन किया। ट्रंप ने शिष्टाचारपूर्ण बातें कीं और कहा वे अब कुछ नहीं कहेंगे। हैरिस ने माना कि चुनाव प्रचार में द व्यू शो में जाना उनकी गलती थी।

    शो में पूछे गए सवाल पर हैरिस चुप रही, जवाब नहीं दे पाईं।इस चुप्पी से ट्रंप की टीम को फायदा मिला और उन्होंने मौका लिया।बाइडन से जुड़ाव के कारण हैरिस को आलोचना और नफरत का सामना करना पड़ा। हैरिस ने बताया कि वे पहले पीट बटिगिएग को उपराष्ट्रपति बनाना चाहती थीं।लेकिन जोखिम नहीं लिया गया, अंततः टिम वाल्ज को उपराष्ट्रपति उम्मीदवार चुना गया।टिम वाल्ज का प्रदर्शन वेंस के खिलाफ कमजोर रहा, जिससे हैरिस को नुकसान हुआ।

    Also Read : नेपाल को भारत का सहयोग जारी रहेगा पीएम मोदी ने सुशीला कार्की से की बातचीत

    Share With Your Friends If you Loved it!