UN भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की बार-बार भ्रामक और एकतरफा बयानबाजी को नकारा। काउंसलर साइमा सलीम की टिप्पणी के जवाब में भारत ने कहा कि पाकिस्तान का झुकाव जम्मू-कश्मीर के विवादित क्षेत्र पर लालच जताने का है। भारत ने स्पष्ट किया कि उसके महिला सुरक्षा और शांति के प्रयास बेदाग और प्रभावशाली हैं। पाकिस्तान खुद अपने नागरिकों पर बमबारी करता है और मानवाधिकार हनन करता है। भारत ने पाकिस्तान की आरोप-प्रत्यारोप की निंदा करते हुए इसे दुनिया का ध्यान भटकाने की चाल बताया। यह टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की महिला शांति और सुरक्षा पर बहस के दौरान की गई।
Also Read : सुप्रीम कोर्ट का नया नियम अब पूरे देश में लागू, आवारा कुत्तों पर बड़ा आदेश
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की भ्रामक बयानबाजी को खारिज किया
यह बहस प्रस्ताव संख्या 1325 की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित हुई। यह प्रस्ताव वर्ष 2000 में अपनाया गया था। प्रस्ताव ने सशस्त्र संघर्षों में महिलाओं और लड़कियों पर पड़ने वाले विशेष प्रभावों को रेखांकित किया। इसमें महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन की रोकथाम और सुरक्षा पर जोर दिया गया है। इस मुद्दे पर चर्चा वैश्विक स्तर पर महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। भारत ने इस मंच पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वह महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा। भारत ने महिला सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों और प्रगतियों को भी उजागर किया।
भारत ने पाकिस्तान पर अपने ही नागरिकों के खिलाफ अत्याचार करने का आरोप लगाया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान नियोजित नरसंहार करता है और आतंकवाद को बढ़ावा देता है। यह आरोप भारत की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। भारत ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का प्रमुख केंद्र बताया। यह आरोप पहले भी भारत के शीर्ष नेताओं द्वारा संयुक्त राष्ट्र और अन्य मंचों पर लगाए गए हैं। भारत का मानना है कि पाकिस्तान का आतंकवादी रवैया क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है। भारत ने विश्व समुदाय से पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाने की अपील की।
Also Read : सुप्रीम कोर्ट का नया नियम अब पूरे देश में लागू, आवारा कुत्तों पर बड़ा आदेश
UN विदेश मंत्री जयशंकर ने पहले भी दिया था पाकिस्तान पर कड़ा बयान
सितंबर में, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत को स्वतंत्रता के बाद से आतंकवाद की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। जयशंकर ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद का केंद्र बताया। उन्होंने पाकिस्तान पर दशकों से आतंकवादी हमलों का समर्थन करने का आरोप लगाया। उनके बयान से भारत की कड़ी विदेश नीति और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख सामने आया। यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के स्पष्ट रुख को दर्शाता है। विदेश मंत्री ने वैश्विक सहयोग की भी मांग की है।
भारत ने विश्व समुदाय को पाकिस्तान के आतंकवादी समर्थन की चेतावनी दी। भारत ने बताया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक एकता जरूरी है। भारत ने अपने शांति प्रयासों और महिला सुरक्षा के उदाहरण प्रस्तुत किए। इस दौरान भारत ने पाकिस्तान को गलत सूचनाओं से दुनिया को भ्रमित करने वाला बताया। भारत की यह प्रतिक्रिया आतंकवाद और सुरक्षा के मुद्दों पर उसकी दृढ़ता दिखाती है। भारत ने क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। भारत का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक संघर्ष में सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

