पश्चिमी देशों में रह रहे पाकिस्तानी सेना के आलोचकों को निशाना बनाने की कथित साजिश को लेकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एबीपी न्यूज़ के वर्ल्ड एक्सक्लूसिव खुलासे में दावा किया गया है कि ऑडियो रिकॉर्डिंग, तस्वीरें और दस्तावेज़ी सबूत ISI की एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साजिश की ओर इशारा करते हैं, जिसमें लंदन, कनाडा और अमेरिका तक हमलों, निगरानी और धमकियों की योजना बनाई गई। रिपोर्ट के अनुसार, इस कथित ऑपरेशन को इस्लामाबाद से संचालित किया जा रहा था। ऑडियो सबूतों में एक ISI अधिकारी, जो खुद को डॉक्टर शरजील बताता है, पश्चिमी देशों में नेटवर्क चलाने की बात करता हुआ सुना जा सकता है। आरोप है कि अमेरिका में रह रहे मेजर (रिटायर्ड) आतिफ इकराम के जरिए यह नेटवर्क सक्रिय किया गया, जो पाकिस्तानी सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल जावेद नासिर का भतीजा बताया जाता है।
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पाकिस्तान: ऑडियो और दस्तावेज़ी सबूतों से ISI के कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का दावा
खुलासे में कहा गया है कि पाक सेना की आलोचना करने वाले कई पूर्व अधिकारी इस नेटवर्क के निशाने पर थे। लंदन में रह रहे मेजर (रिटायर्ड) आदिल राजा के घर पर दिसंबर 2025 में हमला हुआ, जिसकी जांच ब्रिटेन की काउंटर टेररिज्म यूनिट कर रही है। वहीं कनाडा में कैप्टन (रिटायर्ड) हैदर मेहदी को कथित तौर पर डराने की योजना बनाई गई, जबकि अमेरिका में रहने वाले कर्नल (रिटायर्ड) सईद इक़बाल के घर की निगरानी किए जाने का दावा किया गया है। एबीपी न्यूज़ के पास मौजूद ऑडियो रिकॉर्डिंग में यह भी सुना जा सकता है कि पश्चिमी देशों में अपराधियों को पैसे देकर डराने या गोली चलवाने जैसी बातों पर चर्चा हो रही है। बातचीत से संकेत मिलता है कि ये घटनाएं व्यक्तिगत अपराध नहीं बल्कि एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नेटवर्क का हिस्सा हो सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, आतिफ इकराम पर पाकिस्तान में दर्ज भ्रष्टाचार मामलों को हटवाने, फंसी रकम वापस दिलाने और परिवार के लिए नौकरी का लालच देकर उसे इस कथित ऑपरेशन में शामिल किया गया। इसके बदले उसे पश्चिमी देशों में निगरानी और धमकी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इन आरोपों के सामने आने के बाद ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। ब्रिटेन की काउंटर टेररिज्म एजेंसी पहले से इस मामले की जांच कर रही है, जबकि अन्य देशों के लिए भी यह विदेशी हस्तक्षेप और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।
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