अंतरिक्ष अनुभव और इंसानी दृष्टिकोण
भारतीय मूल की नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता ‘सुनी’ विलियम्स ने 27 साल के करियर के बाद दिसंबर में रिटायर हो गईं। उन्होंने हाल ही में भारत आकर कोझिकोड में केरल साहित्य महोत्सव में हिस्सा लिया और छात्रों, वैज्ञानिकों व आम लोगों से अपने अंतरिक्ष मिशनों और करियर के अनुभव साझा किए।
आईएसएस पर तीन लंबे मिशनों में 600 से अधिक दिन बिताने वाली विलियम्स ने महिला के रूप में सबसे ज्यादा स्पेसवॉक किया। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष से पृथ्वी का नजारा देखने पर उन्हें बहस और लड़ाई अजीब लगी, क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि हम सभी एक ही ग्रह पर साथ हैं।
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भारत यात्रा, परिवार और भविष्य की योजनाएं
विलियम्स ने भारत की तकनीक और विज्ञान में प्रगति देखकर प्रभावित होकर गुजरात के अपने पैतृक गांव झुलासन जाने की इच्छा जताई। उन्होंने एआई को एक मददगार उपकरण बताते हुए कहा कि इंसानी निर्णय और कल्पना उसकी जगह नहीं ले सकते।
रिटायरमेंट के बाद विलियम्स परिवार, यात्रा और नई चुनौतियों पर ध्यान देंगी। उन्होंने भारत के और हिस्सों, खासकर पहाड़ों, को देखने की योजना बनाई और लोगों से धैर्य रखने व एक-दूसरे की बात सुनने की सीख साझा की।
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