ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार ट्रंप के टैरिफ फैसलों का सबसे प्रभावी और अस्थिर दौर 2025 से 2026 के बीच देखा जा रहा है। शनि और राहु की ग्रह चाल वैश्विक व्यापार में रुकावट, सख्त नीतियों और आर्थिक दबाव के संकेत दे रही है, जिससे बाजारों में लगातार उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
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वैदिक और मेदिनी ज्योतिष मानते हैं कि शनि का मीन राशि में गोचर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में संकुचन को बढ़ावा देता है। इसी कारण संरक्षणवादी नीतियां मजबूत हो रही हैं और देशों के बीच व्यापारिक तनाव गहराता जा रहा है। इसका असर विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं दोनों पर पड़ रहा है।
ज्योतिषीय गणना से ट्रंप टैरिफ संकट का संकेत
ट्रंप की कुंडली में राहु और मंगल का प्रभाव अचानक और आक्रामक फैसलों की ओर इशारा करता है। इससे 2026 में भी शेयर बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है और नीतिगत घोषणाएं बिना पूर्व संकेत के सामने आ सकती हैं।भारत के लिए यह दौर चुनौतीपूर्ण होने के साथ अवसर भी ला सकता है। चीन पर बढ़ते दबाव के चलते वैश्विक सप्लाई चेन भारत की ओर मुड़ने की संभावना है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और कमोडिटी सेक्टर को लाभ मिल सकता है।
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ज्योतिषीय संकेत बताते हैं कि फरवरी 2027 से गुरु के शुभ गोचर के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे स्थिरता आएगी। इसी समय टैरिफ नीतियों में नरमी और कूटनीतिक समाधान की उम्मीद भी बढ़ेगी।

