• Fri. Mar 6th, 2026
    OpenAI पेंटागन डीलOpenAI पेंटागन डील

    पेंटागन डील के बाद बढ़ा विवाद

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट ChatGPT को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। हाल ही में यह खबर सामने आई कि OpenAI ने अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) के साथ एक समझौता किया है।

    इस खबर के सामने आते ही कई यूज़र्स ने नाराजगी जताई। रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद ChatGPT ऐप के अनइंस्टॉल में लगभग 300 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई।

    यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब दुनिया में चल रहे संघर्ष, खासकर ईरान से जुड़े तनाव, की वजह से लोगों में एआई तकनीक के इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ गई।

    Also Read: नीतीश के राज्यसभा जाने की अटकलें तेज, क्या बिहार में बीजेपी संभालेगी मुख्यमंत्री पद

    क्यों नाराज हैं ChatGPT के यूज़र्स

    कई यूज़र्स का मानना है कि अगर एआई तकनीक का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया गया तो इसका गलत उपयोग भी हो सकता है।

    आलोचकों का कहना है कि ऐसी तकनीक का इस्तेमाल युद्ध, निगरानी या सैन्य रणनीति के लिए किया जा सकता है। इसी वजह से कुछ लोगों ने विरोध जताते हुए ChatGPT ऐप को अपने फोन से हटाना शुरू कर दिया।

    सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है और कई यूज़र्स ने OpenAI से पारदर्शिता की मांग की है।

    OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने दी सफाई

    इस विवाद के बाद OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य एआई तकनीक का उपयोग कानूनी और सुरक्षित तरीके से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कामों में सहायता देना है।

    ऑल्टमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि ChatGPT का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की निगरानी या गैरकानूनी गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा

    हालांकि, उनके बयान के बाद भी कई यूज़र्स इस मुद्दे को लेकर आशंकित बने हुए हैं।

    दूसरे AI चैटबॉट को मिला फायदा

    जहां एक तरफ ChatGPT को लेकर विवाद बढ़ा, वहीं दूसरी तरफ इसके प्रतिस्पर्धी एआई प्लेटफॉर्म Claude (Anthropic) को फायदा होता दिखाई दिया।

    रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद के दौरान Claude ऐप के डाउनलोड तेजी से बढ़े और यह Apple App Store में टॉप पोजीशन तक पहुंच गया।

    यह दिखाता है कि एआई तकनीक को लेकर लोगों की सोच तेजी से बदल रही है।

    AI और युद्ध को लेकर बढ़ी वैश्विक बहस

    ChatGPT विवाद के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक उपयोग को लेकर वैश्विक स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि एआई तकनीक का इस्तेमाल सुरक्षा और डेटा विश्लेषण में मदद कर सकता है। लेकिन दूसरी ओर, इसके सैन्य उपयोग को लेकर गंभीर चिंताएं भी सामने आ रही हैं।

    आने वाले समय में सरकारों और टेक कंपनियों को एआई के इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नियम और नैतिक दिशानिर्देश बनाने पड़ सकते हैं।

    Also Read: ईरान पर अमेरिका-इसराइल के हमले की वैधता पर उठे सवाल

    Share With Your Friends If you Loved it!
    One thought on “ईरान जंग के बीच ChatGPT पर क्यों भड़के लोग? 300% तक बढ़ा अनइंस्टॉल”

    Comments are closed.