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    केरल चुनाव में इस बार अलग होगा मुकाबला, ईरान जंग का असर भी संभव

    केरल चुनाव

    केरल विधानसभा चुनाव में इस बार मुकाबला पहले से अलग दिख सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में पहली बार मज़बूत त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    अब तक केरल में चुनावी लड़ाई ज़्यादातर एलडीएफ़ और यूडीएफ़ के बीच रही है, लेकिन इस बार भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भी पूरी ताक़त के साथ मैदान में उतर गया है।

    राज्य में पिछले दस वर्षों से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ़) सत्ता में है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ़) मुख्य विपक्षी गठबंधन बना हुआ है।

    वहीं, सीपीएम के समन्वयक विजय राघवन ने बीबीसी से कहा कि केरल में भाजपा को जब-जब चुनावी सफलता मिली है, वह कांग्रेस की परोक्ष सहमति से ही मिली है।

    केरल चुनाव: भू-राजनीति और जंग की छाया में सियासी मुकाबला

    केरल के लाखों लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं, इसलिए मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है।

    राजनीतिक विश्लेषक राधाकृष्णन के मुताबिक, विदेशों में रहने वाले करीब 30 लाख मलयालियों में बड़ी संख्या यूएई में काम करती है। ईरान के हमलों ने उनके बीच सुरक्षा और रोज़गार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    उनका कहना है कि इन प्रवासियों और उनके परिवारों की चुनावी सोच पर इसका असर पड़ सकता है। राधाकृष्णन के मुताबिक, मध्य-पूर्व के हालात की गूंज केरल चुनाव में सुनाई दे सकती है और इसका राजनीतिक असर भी दिख सकता है।

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    केरल चुनाव: पिनराई विजयन के लिए सीपीएम ने नियम नरम किए

    केरल विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। 140 सीटों वाले इस राज्य में अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक करीब 2.7 करोड़ वोटर हैं।

    इस चुनाव से पहले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने उस नियम में ढील दी है, जिसमें किसी नेता को मुख्यमंत्री जैसे पद पर दो कार्यकाल से ज़्यादा नहीं रहने देने की बात कही गई थी।

    इसी फैसले के तहत पिनराई विजयन, पूर्व मंत्री शैलजा और कई अन्य नेताओं को तीसरी बार मौका मिला है। पार्टी ने पिनराई विजयन को लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार भी बनाया है।

    प्रियंका गांधी भी राज्य में कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रही हैं।

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