बिहार के Muzaffarpur जिले के मकसूदपुर गांव में दर्दनाक घटना सामने आई बुधवार सुबह। खेलते समय लापता हुईं दो नाबालिग चचेरी बहनों के शव ईंट भट्ठा परिसर से बरामद हुए। शव अत्यंत क्षत-विक्षत हालत में मिलने के बाद पूरे गांव में भय और तनाव फैल गया। मृत बच्चियों की पहचान बारह वर्षीय मौसमी कुमारी और सात वर्षीय रूची कुमारी के रूप में हुई। दोनों बच्चियां घर के समीप खेल रही थीं, तभी अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। गांव में उसी दौरान धार्मिक पूजा कार्यक्रम चल रहा था, इसलिए परिवार चिंतित नहीं हुआ। देर रात बच्चियों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने गांवभर में खोजबीन शुरू तुरंत करवाई। घटना के बाद पूरे गांव में भय, चिंता और गुस्से का माहौल लगातार बना हुआ है।
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परिवार ने रातभर लापता बच्चियों की तलाश जारी रखी
परिजनों ने बताया कि बच्चियां मंगलवार शाम खेलते हुए अचानक घर के बाहर से गायब हो गईं। परिवार को प्रारंभिक समय तक लगा कि बच्चियां पास चल रही पूजा में शामिल होंगी शायद। देर रात तक दोनों बच्चियां वापस घर नहीं लौटीं, जिससे परिवार बेहद घबरा गया तुरंत वहां। परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास के खेतों, गलियों और मंदिर परिसर में लगातार खोजबीन शुरू की। पूरी रात गांव के लोग टॉर्च लेकर बच्चियों की तलाश करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। मंगलवार को परिजनों ने रामपुरहारी थाने पहुंचकर बच्चियों के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने भी गांव और आसपास क्षेत्रों में जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से पूछताछ करते हुए संभावित संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की थी।
बुधवार सुबह गांव के समीप स्थित ईंट भट्ठा परिसर के पास दोनों बच्चियों के शव मिले वहां। शवों की स्थिति बेहद दर्दनाक और भयावह थी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई तुरंत वहां। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शवों के हाथ, पैर और सिर कटे हुए हालत में मिले थे। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास गांवों के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पहुंचने लगे तुरंत वहां। ग्रामीणों ने घटना को लेकर गहरा आक्रोश जताया और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा और गांव में मातम जैसा माहौल लगातार बना रहा पूरेदिन। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच प्रक्रिया शुरू की और सबूत जुटाने का काम प्रारंभ किया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए और तकनीकी जांच शुरू की तुरंत वहां।
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पुलिस और एफएसएल टीम ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अधिकारी और एफएसएल टीम घटनास्थल पर तुरंत पहुंचे वहां। पुलिस अधिकारियों ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच कार्यवाही शुरू कर दी गंभीरता से। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए और आसपास के लोगों से जानकारी प्राप्त की। थानाध्यक्ष शिवेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि पुलिस पहले दिन से बच्चियों की तलाश कर रही थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले को हत्या मानते हुए विशेष जांच टीम गठित कर दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों की पहचान करने के लिए तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच जारी। अधिकारियों ने दावा किया कि पुलिस जल्द ही घटना का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार करेगी।
दो मासूम बच्चियों की निर्मम हत्या ने पूरे गांव को गहरे सदमे और भय में डाल दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा और गांवभर में मातम जैसा वातावरण लगातार दिखाई दिया वहां। ग्रामीणों ने घटना को बेहद अमानवीय बताते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग लगातार उठाई है। कई महिलाओं और बच्चों ने घटना के बाद गांव में असुरक्षा और डर का माहौल बताया वहां। ग्रामीणों ने कहा कि इतनी क्रूर घटना ने पूरे इलाके की शांति और सुरक्षा व्यवस्था हिला दी। लोग लगातार पुलिस प्रशासन से अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करके कड़ी सजा देने की मांग कर रहे। गांव में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों के बीच चिंता और डर लगातार बढ़ता दिखाई दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए हरसंभव सहायता देने की बात कही।
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