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    NEET UG

    NEET UG 2026 गेस पेपर विवाद ने देशभर के लाखों मेडिकल छात्रों के बीच चिंता बढ़ा दी है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की शुरुआती जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले वायरल हुए एक कथित गेस पेपर के 150 सवाल असली परीक्षा में हूबहू पूछे गए। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह गेस पेपर केरल से राजस्थान पहुंचा था और इसे व्हाट्सएप के जरिए तेजी से फैलाया गया। नीट यूजी परीक्षा में हर सवाल चार नंबर का होता है, इसलिए इतने सवालों का मैच होना गंभीर मामला माना जा रहा है। छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। NTA और SOG फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और डिजिटल ट्रेल खंगाल रहे हैं। यह विवाद अब केवल गेस पेपर तक सीमित नहीं रहा बल्कि संगठित पेपर लीक की आशंका तक पहुंच गया है।

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    NEET UG 2026 जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

    SOG की जांच में पता चला कि केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे राजस्थान के एक छात्र ने यह गेस पेपर सीकर में अपने पिता को भेजा था। छात्र ने दावा किया था कि अगले दिन परीक्षा में यही सवाल पूछे जाएंगे। उसके पिता ने यह पेपर कुछ छात्राओं को भी उपलब्ध कराया। परीक्षा खत्म होने के बाद जब कोचिंग शिक्षकों ने गेस पेपर और असली प्रश्न पत्र का मिलान किया तो 150 सवाल हूबहू मैच पाए गए। इसके बाद मामला तेजी से पुलिस और NTA तक पहुंच गया। जांच एजेंसियां अब मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही हैं। कई चैट्स में “Forwarded Many Times” टैग मिलने से यह संकेत मिला कि गेस पेपर बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार परीक्षा से पहले इस पेपर को लाखों रुपये में बेचा गया था।

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    150 सवाल मैच होने से बढ़े शक

    NTA ने दावा किया कि NEET UG 2026 परीक्षा के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। प्रश्न पत्र GPS ट्रैक्ड वाहनों के जरिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए थे और हर पेपर पर विशेष वॉटरमार्क लगाया गया था। परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित CCTV कैमरों से निगरानी की गई और सभी उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया गया। मोबाइल नेटवर्क रोकने के लिए 5G जैमर का इस्तेमाल भी किया गया था। इसके बावजूद इतने सवालों का मैच होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि NTA और SOG ने फिलहाल पेपर लीक की बात से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है जिससे यह साबित हो कि मूल प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले बाहर आया था। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सामान्य गेस पेपर में इतनी बड़ी संख्या में सवालों का मिलना बेहद असामान्य है।

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    पहले भी विवादों में रही है NEET परीक्षा

    NEET परीक्षा पिछले कई वर्षों से अलग-अलग विवादों का सामना करती रही है। 2013 में परीक्षा व्यवस्था और भाषा विवाद को लेकर कई राज्यों और मेडिकल कॉलेजों ने विरोध किया था। 2017 में तमिलनाडु में ग्रामीण छात्रों के मुद्दे को लेकर बड़ा आंदोलन हुआ था। इसके बाद कई बार फर्जी उम्मीदवार, OMR त्रुटियां, सर्वर समस्याएं और उत्तर कुंजी विवाद सामने आए। हर साल परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर नए सवाल उठते रहे हैं। साल 2024 में भी पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स विवाद ने देशभर में बड़ा हंगामा खड़ा किया था। उस मामले में CBI जांच तक शुरू करनी पड़ी थी और सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर हुई थीं। अब NEET UG 2026 गेस पेपर विवाद ने फिर से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्र अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि सच सामने आ सके।

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