ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के कई सांसद और नेता नाराज बताए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि एक दर्जन से अधिक टीएमसी सांसद जल्द भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 12 टीएमसी सांसद भाजपा में शामिल होने या समर्थन देने की तैयारी में हैं। वहीं, 5 से 6 अन्य सांसदों के नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सांसदों की संख्या 20 तक पहुंच सकती है। अगर लोकसभा में टीएमसी के दो-तिहाई सांसद अलग होते हैं, तो दल-बदल कानून लागू नहीं होगा।
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ममता की टीएमसी में बढ़ी नाराजगी, कई विधायक रहे दूर
चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष के संकेत भी सामने आए हैं। 20 मई को टीएमसी के प्रदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विधायक शामिल नहीं हुए। बताया गया कि 80 में से सिर्फ 35 विधायक ही कार्यक्रम में पहुंचे। इसके बाद संगठन के भीतर मतभेद और नाराजगी की चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने आंतरिक कलह की खबरों को खारिज किया है।
इसी बीच, फलता में भाजपा की जीत के बाद डायमंड हार्बर नगर पालिका में टीएमसी को बड़ा झटका लगा है। नगर पालिका के आठ पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। पहले यहां टीएमसी के 16 पार्षद थे और किसी अन्य दल का एक भी प्रतिनिधि नहीं था। पार्षदों के इस्तीफों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
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