प्रतापगढ़ के कुंडा में मोहर्रम से पहले प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए इलाके में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया। प्रशासन ने धारा-163 लागू कर राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह को दो दिनों के लिए नजरबंद किया और उनके आवागमन पर रोक लगाई। प्रशासन ने यह कदम संभावित तनाव और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया और लगातार गश्त बढ़ाकर स्थिति पर नजर रखी। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम लागू किए और लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखी।
मोहर्रम से पहले प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने इस कार्रवाई के दौरान राजा उदय प्रताप सिंह के साथ उनके 12 समर्थकों को भी नजरबंद किया और उनके घर से बाहर निकलने पर पूरी तरह रोक लगाई। प्रशासन ने लगभग 40 घंटे तक यह प्रतिबंध लागू रखा और किसी भी प्रकार की सभा या गतिविधि पर नियंत्रण रखा। पुलिस ने भदरी किले और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की और हर गतिविधि पर नजर रखी। अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बैरिकेडिंग और गश्त बढ़ाकर सुरक्षा को मजबूत किया। प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि किसी भी तरह का तनाव या विवाद न फैले और हालात नियंत्रण में रहें।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि मोहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक प्राथमिकता है। प्रशासन ने ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता अपनाई और लगातार निगरानी की। अधिकारियों ने किसी भी अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर रोक लगाने के लिए पुलिस बल सक्रिय रखा। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाकर स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा।
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समर्थकों की नजरबंदी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई पिछले कई वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। प्रशासन ने बताया कि 2012 के विवाद के बाद से मोहर्रम के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि हनुमान मंदिर और जुलूस मार्ग को लेकर संवेदनशीलता बनी रहती है। प्रशासन ने किसी भी टकराव की स्थिति से बचने के लिए पहले से ही रोकथाम के कदम उठाए। पुलिस ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ाकर किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को कम किया।
कुंडा क्षेत्र में राजा भैया और उनके परिवार का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव लंबे समय से माना जाता है। प्रशासन ने इसी प्रभाव और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सख्त रखा। अधिकारियों ने लगातार गश्त और निगरानी कर स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा। प्रशासन ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करना है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर रहे और हालात सामान्य बनाए रखे गए।

