छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। गुरुवार को जवानों ने केजी हिल्स के पास जंगल से ग्रेनेड लॉन्चर के 711 शेल बरामद किए। अधिकारियों के मुताबिक, माओवादियों ने इन विस्फोटकों को जंगल में छिपाकर रखा था। यह बरामदगी फॉरवर्ड ऑपरेटिंगhttps://www.orderofindia.com/crime/odisha-vigilance-arrests-si-taking-bribe-jumps-into-pond-cash-recovered/ बेस (FOB) तडापाला से करीब 1.5 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में हुई। सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्रवाई को माओवादियों के लिए बड़ा झटका बताया है।
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माओवादियों के हथियारों के नेटवर्क को बड़ा झटका
यह अभियान पुख्ता खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू किया गया था। बीजापुर जिला पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और कोबरा यूनिट की संयुक्त टीम ने इसमें हिस्सा लिया। जवानों ने उसूर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तडापाला बेस के आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान टीम को केजी हिल्स के पास जंगल में छिपाए गए 711 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर शेल मिले। सुरक्षा बलों ने सभी शेल को सुरक्षित तरीके से बरामद कर जब्त कर लिया।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए बीजीएल शेल माओवादियों की सैन्य तैयारियों के लिए अहम थे। इनका इस्तेमाल ग्रेनेड दागने के लिए किया जाता है। माओवादी इनका उपयोग घात लगाकर हमले करने और सुरक्षा शिविरों को निशाना बनाने में कर सकते थे। इतनी बड़ी संख्या में विस्फोटक बरामद होने से उनके हथियारों और रसद नेटवर्क को नुकसान पहुंचा है। इस कार्रवाई से बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान की प्रभावशीलता भी सामने आई है।
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नागरिकों को जंगल और पहाड़ी इलाकों से दूर रहने की सलाह
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और आसपास से गुजरने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने लोगों से फिलहाल कर्रेगुट्टा और आसपास के पहाड़ी इलाकों में जाने से बचने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि जंगल में माओवादियों द्वारा छोड़े गए आईईडी और अन्य विस्फोटक अभी भी मौजूद हो सकते हैं। इसलिए लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए इन इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। सुरक्षा बल जल्द ही इलाके में बारूदी सुरंगों और विस्फोटकों को हटाने के लिए अभियान चलाएंगे।
सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया है। प्रशासन यह पाबंदी तब तक जारी रखेगा, जब तक पूरे क्षेत्र को सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता। संयुक्त टीमें किसी भी संभावित जवाबी कार्रवाई से निपटने के लिए सतर्क हैं। अधिकारी बरामद हथियारों और विस्फोटकों के स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं। जांच पूरी होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में आगे की जानकारी साझा करेंगी।
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