• Mon. Sep 21st, 2026

    बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2013 रेप मामले में तरुण तेजपाल को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई

    बॉम्बे हाई

    बॉम्बे हाई कोर्ट ने वर्ष 2013 के चर्चित रेप मामले में तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सजा सुनाने से पहले दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना। यह मामला तेजपाल की एक जूनियर सहयोगी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। कोर्ट के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

    Also Read : मिड-डे मील में पानी जैसी सब्जी परोसे जाने का वीडियो वायरल, प्रिंसिपल सस्पेंड

    सजा पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने कोर्ट में रखे अपने-अपने तर्क

    सुनवाई के दौरान तेजपाल के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ यह पहला आपराधिक मामला है। उन्होंने कहा कि घटना वर्ष 2013 की है और अपील 2022 से लंबित है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि तेजपाल ने जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया और उनका पासपोर्ट भी अधिकारियों के पास जमा है। इन आधारों पर अदालत से न्यूनतम सजा देने की मांग की गई।

    दूसरी ओर, सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से अधिकतम सजा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आरोपी पीड़िता के लिए वरिष्ठ और अभिभावक जैसी भूमिका में था, इसलिए अपराध अधिक गंभीर माना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता के स्पष्ट विरोध के बावजूद आरोपी ने अपना कृत्य दोहराया और उसने अपने व्यवहार पर कोई पछतावा भी नहीं दिखाया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अपना फैसला सुनाया।

    Also Read : 80 की उम्र में अकेले जिंदगी जी रहीं उषा नाडकर्णी, बचपन के दर्द से लेकर बेटे की दूरी तक बयां की अपनी कहानी

    यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट ने सुनाई 10 साल की कठोर कैद और जुर्माना

    हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि घटना को करीब 13 साल बीत चुके हैं और उसके बाद से आरोपी के खिलाफ किसी अन्य दुराचार या आपराधिक मामले की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि दोनों पक्ष अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ चुके हैं। हालांकि, उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी पहलुओं के आधार पर अदालत ने दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए सजा निर्धारित की।

    अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(f) और 376(2)(k) के तहत 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक धारा में 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा धारा 354 और 354A के तहत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा भी सुनाई। तरुण तेजपाल पर वर्ष 2013 में उनकी सहकर्मी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ और यह लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बना रहा।

    Also Read : मिड-डे मील में पानी जैसी सब्जी परोसे जाने का वीडियो वायरल, प्रिंसिपल सस्पेंड

    Share With Your Friends If you Loved it!

    By tina