द हंड्रेड 2026 में डेवाल्ड ब्रेविस ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से एक बार फिर क्रिकेट फैंस का ध्यान खींच लिया। साउथ अफ्रीका के इस युवा बल्लेबाज ने लंदन स्पिरिट की ओर से खेलते हुए बर्मिंघम फीनिक्स के खिलाफ 97 मीटर का शानदार नो-लुक सिक्स जड़ा। खास बात यह रही कि ब्रेविस ने शॉट खेलने के बाद गेंद को देखने तक की कोशिश नहीं की और गेंद सीधे बाउंड्री के पार चली गई। उनका यह अंदाज मुकाबले के सबसे यादगार पलों में शामिल हो गया। ब्रेविस ने अपनी आक्रामक पारी के दम पर लंदन स्पिरिट को लक्ष्य का पीछा करने में अहम योगदान दिया और टीम ने सात विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
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ब्रेविस ने नो-लुक सिक्स से मचाया तहलका
लंदन स्पिरिट ने 163 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत में ही जॉनी बेयरस्टो का विकेट गंवा दिया। बेयरस्टो सिर्फ 10 रन बनाकर पवेलियन लौटे, लेकिन इसके बाद लियाम लिविंगस्टोन और डेवाल्ड ब्रेविस ने पारी की दिशा पूरी तरह बदल दी। दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और बर्मिंघम फीनिक्स के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया। लिविंगस्टोन ने महज 30 गेंदों में 66 रन ठोके, जबकि ब्रेविस ने 31 गेंदों में नाबाद 55 रन की पारी खेली। दोनों ने मिलकर 103 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और लंदन स्पिरिट को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। टीम ने 82 गेंदों में 166/3 का स्कोर बनाकर 18 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।
ब्रेविस की पारी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले, लेकिन 97 मीटर का नो-लुक सिक्स सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने गेंद पर पूरी ताकत से प्रहार किया और गेंद काफी ऊंचाई हासिल करते हुए सीमा रेखा के बाहर पहुंच गई। ब्रेविस ने शॉट पूरा करने के बाद भी अपनी नजरें नीचे ही रखीं, जिससे यह पल और भी खास बन गया। दूसरी ओर लिविंगस्टोन ने भी अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी 66 रन की पारी के दौरान 104 मीटर का गगनचुंबी छक्का लगाया। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी पावर-हिटिंग से मुकाबले को एकतरफा बना दिया और लंदन स्पिरिट ने बिना ज्यादा परेशानी के जीत हासिल कर ली।
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97 मीटर के छक्के ने लूटी महफिल
इससे पहले बर्मिंघम फीनिक्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 100 गेंदों में 162/4 रन बनाए। टीम ने पारी की शुरुआत धीमी गति से की और शुरुआती 25 गेंदों में सिर्फ 25 रन जोड़े। हालांकि, इसके बाद बल्लेबाजों ने रन बनाने की गति बढ़ाई और आखिरी 50 गेंदों में 109 रन बटोर लिए। जो क्लार्क ने फीनिक्स के लिए सबसे बड़ी पारी खेली। उन्होंने 42 गेंदों में 73 रन बनाए और चार चौकों के साथ पांच छक्के लगाए। सीन डिक्सन ने भी उनका अच्छा साथ दिया और 28 गेंदों में नाबाद 51 रन बनाए। इन दोनों पारियों की बदौलत फीनिक्स ने 160 रन का आंकड़ा पार किया और लंदन स्पिरिट के सामने 163 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
लंदन स्पिरिट के गेंदबाजों ने शुरुआती चरण में बर्मिंघम फीनिक्स पर दबाव बनाने की कोशिश की और एडम मिल्ने ने 36 रन देकर एक विकेट हासिल किया। हालांकि, फीनिक्स के बल्लेबाजों ने पारी के अंतिम हिस्से में तेजी दिखाई और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इसके बावजूद लंदन स्पिरिट के बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते समय कोई बड़ा दबाव महसूस नहीं होने दिया। लिविंगस्टोन और ब्रेविस की शानदार साझेदारी ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया और टीम ने सात विकेट से जीत दर्ज की। इस नतीजे के साथ लंदन स्पिरिट ने अपना अभियान सातवें स्थान पर समाप्त किया, जबकि बर्मिंघम फीनिक्स ने आठवें स्थान पर रहते हुए टूर्नामेंट खत्म किया।
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