राजस्थान के कोटा शहर के बोरखेड़ा इलाके में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कार के नीचे करीब साढ़े चार फीट लंबा मगरमच्छ छिपा मिला। घटना थेगड़ा रोड स्थित कंचन रिसोर्ट के पास जैन मंदिर वाली कॉलोनी की है। कार मालिक की नजर अचानक अगले टायर के पास मगरमच्छ पर पड़ी। उसकी पूंछ कार के नीचे से बाहर दिखाई दे रही थी। मगरमच्छ को देखते ही कार मालिक ने आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम और वन विभाग को मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की तीन सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
कार हटाते ही सड़क पर दौड़ा मगरमच्छ
वन विभाग की टीम ने सबसे पहले आसपास जमा लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया। इसके बाद कर्मचारियों ने सावधानी से कार को हटाने की तैयारी की। जैसे ही कार को आगे किया गया, मगरमच्छ अचानक बाहर निकल आया। वह तेजी से सड़क पर करीब 20 फीट तक दौड़ गया। मगरमच्छ को इस तरह अचानक सड़क पर भागते देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग के कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति संभाली और मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश शुरू की। टीम ने रस्सी की मदद से उसे नियंत्रित किया। रेस्क्यू के दौरान कर्मचारियों ने उसकी आंखों पर काला कपड़ा डाल दिया, ताकि वह शांत रहे और टीम उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ सके।
फॉरेस्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मगरमच्छ कार के आगे वाले टायर के पास छिपा हुआ था। उन्होंने बताया कि कंचन रिसोर्ट के पास एक नाला मौजूद है। वन विभाग को आशंका है कि मगरमच्छ इसी नाले से निकलकर आवासीय इलाके तक पहुंचा होगा। इसके बाद उसने कार के नीचे जगह बनाकर खुद को छिपा लिया। रात के समय कार के नीचे मगरमच्छ के छिपे होने का पता लगाना आसान नहीं था। हालांकि, कार मालिक की सतर्कता से समय रहते इसकी जानकारी मिल गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने बिना देरी किए रेस्क्यू टीम भेजी और इलाके में संभावित खतरे को नियंत्रित किया।
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15 मिनट में वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
मगरमच्छ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने करीब 15 मिनट तक अभियान चलाया। कर्मचारियों ने सावधानी से मगरमच्छ को काबू किया और उसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान टीम ने लोगों को मौके से दूर रखा, ताकि किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। मगरमच्छ के सड़क पर अचानक दौड़ने से लोगों में डर जरूर फैल गया, लेकिन वनकर्मियों ने स्थिति को जल्दी संभाल लिया। घटना के दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई। मगरमच्छ के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद कॉलोनी के लोगों ने राहत की सांस ली और मौके पर जमा भीड़ धीरे-धीरे हट गई।
इस घटना ने कोटा के आवासीय इलाकों के आसपास वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नालों और जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि उन्हें किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसे पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस या वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। समय पर मिली सूचना और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई ने संभावित हादसे को टाल दिया। कार के नीचे छिपे मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू स्थानीय लोगों के लिए राहत की बात रही।

