सेबी ने इनक्रेड होल्डिंग्स और एलीवेट कैंपसेस सहित आठ कंपनियों को आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) के माध्यम से कुल मिलाकर करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी दे दी है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की अनुमति पाने वाली अन्य कंपनियों में लेजर पावर एंड इन्फ्रा, सेडेमैक मेक्ट्रोनिक्स, आरडी इंडस्ट्रीज, आर्मी इन्फोटेक, आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स और शंकेश ज्वेलर्स शामिल हैं। इस मंजूरी के साथ इन कंपनियों को अब अपने आईपीओ के लिए निवेशकों के बीच प्रस्ताव जारी करने और पूंजी जुटाने की प्रक्रिया शुरू करने का मार्ग खुल गया है।
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सरकारी सूत्रों के अनुसार, आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक निजीकरण के लिए वित्तीय बोलियां प्राप्त हो गई हैं और उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत मूल्यांकन किया जाएगा। यह निजीकरण प्रक्रिया पिछले तीन साल से लंबित थी, जबकि अक्टूबर 2022 में सरकार ने एलआईसी के साथ मिलकर बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी थी। वहीं, टाटा स्टील का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में एकीकृत मुनाफा कई गुना बढ़कर 2,730.37 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कंपनी की कुल आय इस दौरान 57,503.49 करोड़ रुपये रही। टाटा स्टील देश की प्रमुख वैश्विक इस्पात कंपनियों में शामिल है, जिसकी वार्षिक कच्चा इस्पात उत्पादन क्षमता 3.5 करोड़ टन है।
FTA से लाभ, JLR को नुकसान
भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से भारतीय वाहन और कलपुर्जा कंपनियों को यूरोपीय बाजारों में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र की दीर्घकालिक वृद्धि संभावनाओं को बल मिलेगा। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा कि इस समझौते से प्रीमियम वाहनों के आयात को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, साइबर हमले के कारण उत्पादन में बाधा आई और जगुआर लैंड रोवर (JLR) को चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में 31 करोड़ पाउंड का घाटा हुआ, जबकि पुरानी कारों को बंद करने और अमेरिकी टैरिफ के असर से भी कंपनी के प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
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