यूपी के मेरठ जिले के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन पांच घंटे से अधिक समय तक चलता रहा, लेकिन हालात में कोई खास सुधार नहीं हो सका। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन और ग्रामीण लगातार हंगामा कर रहे हैं।
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मेरठ: कपसाड़ गांव में बेटी के अपहरण मामले के साथ जुड़ी हत्या से तनाव, परिजन गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग पर डटे
पीड़ित परिवार ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई और सख्त दंड की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे महिला का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन परिवार किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी की एक महिला नेता ने विरोध जताते हुए एसपी को चूड़ियां भेंट की, जिससे मामला और राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया। इस दौरान गांव में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
इस बीच, प्रशासन ने सपा विधायक अतुल प्रधान, आज़ाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष समेत अन्य नेताओं को गांव में प्रवेश की अनुमति दी। सभी नेता पीड़ित परिवार से मिले और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी से गांव में हलचल और बढ़ गई है। भाजपा की ,से पूर्व सांसद संजीव बालियान भी शुक्रवार दोपहर गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित पक्ष से मुलाकात कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, जबकि परिजन तत्काल कार्रवाई की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं।

