गुजरात के जामनगर में बैंक कर्मचारी ने ग्राहकों के असली सोने पर हाथ साफ कर दिया। आरोपी ने बैंक वॉल्ट से असली गहने निकाले और उनकी जगह नकली गहने रख दिए। इस घटना ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। पुलिस ने मामले में बैंक कर्मचारी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला जामनगर के रणजीतसागर इलाके में स्थित इंडियन बैंक शाखा से सामने आया। बैंक में कई ग्राहक गोल्ड लोन लेने के लिए अपने गहने जमा कराते थे। बैंक इन गहनों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें वॉल्ट के अंदर रखता था।
वॉल्ट की चाबी से नकली गहने रखने तक, ऐसे खुला चोरी का राज
आरोप है कि कर्मचारी हसमुखभाई पारिया ने वॉल्ट की चाबी किसी तरह हासिल की। उसने 27 अगस्त को बैंक मैनेजर के चैंबर से चाबी निकाली थी। इसके बाद कर्मचारी ने वॉल्ट खोलकर ग्राहकों के असली गहने बाहर निकाल लिए। आरोपी ने कुल 342.1 ग्राम सोने के गहने वॉल्ट से चोरी किए थे। चोरी किए गए सोने की कीमत पुलिस ने 39 लाख 48 हजार 912 रुपये बताई। असली गहने निकालने के बाद आरोपी ने उनकी जगह डुप्लीकेट गहने रख दिए। इस तरह बैंक में रखे ग्राहकों के असली सोने की जगह नकली गहने पहुंच गए।
पुलिस के मुताबिक, बैंक कर्मचारी ने चोरी किया सोना विजयभाई वगोरा को बेचने के लिए दिया था। डीस-स्टाफ की सूचना पर पुलिस ने विजयभाई को संदिग्ध गतिविधि के दौरान पकड़ लिया। पुलिस ने उसे चोरी का सोना बेचने जाते समय गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच टीम ने बैंक कर्मचारी हसमुखभाई पारिया को भी हिरासत में लिया। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपी कब से इस तरह की वारदात कर रहे थे। पुलिस पुराने गोल्ड लोन खातों की भी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पहले कितने ग्राहकों का सोना बदला गया। पुलिस चोरी के सोने से जुड़े संभावित खरीदारों और डीलरों की भूमिका भी खंगाल रही है। मामले की जांच बैंक की सुरक्षा व्यवस्था तक पहुंच गई है।

