भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के MBBS इंटर्न्स ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। मौजूदा समय में इंटर्न्स को हर महीने 14,337 रुपये स्टाइपेंड मिलता है, जिसे छात्र बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं। अपनी मांग को लेकर बड़ी संख्या में इंटर्न्स सड़कों पर उतरे और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए हमीदिया अस्पताल के बाहर बैरिकेडिंग की, लेकिन छात्र आगे बढ़ने पर अड़े रहे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारी इंटर्न्स के बीच धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
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30 हजार रुपये स्टाइपेंड की मांग पर प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी इंटर्न्स का कहना है कि उन्होंने पिछले महीने भी प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान सरकार ने छात्रों को एक महीने के भीतर स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन दिया था। छात्रों के मुताबिक, सरकार की तय समयसीमा अब पूरी हो चुकी है, लेकिन स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ। इसी वजह से इंटर्न्स ने दोबारा आंदोलन शुरू किया। छात्रों ने सरकार पर अपना वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि जब तक उनकी मांग पर ठोस फैसला नहीं होता, वे अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
प्रशासन ने प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल के गेटों पर भारी पुलिस बल तैनात किया और बैरिकेडिंग कर दी। पुलिस ने इंटर्न्स को अस्पताल परिसर से बाहर निकलकर मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोकने की कोशिश की। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं थे। इसी दौरान कुछ इंटर्न्स ने अस्पताल के मुख्य गेट को तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए मोर्चा संभाला, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन चलाया और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका।
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पुलिस से धक्कामुक्की, वाटर कैनन का इस्तेमाल
इंटर्न्स के प्रदर्शन का असर हमीदिया अस्पताल की व्यवस्था पर भी पड़ा। प्रदर्शन के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने पर बैठे छात्रों ने अस्पताल के रास्तों पर बैठकर नारेबाजी की, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रदर्शनकारियों ने अपने नोट्स और ज्ञापन के पन्ने भी सड़क पर रख दिए और वहीं धरना शुरू कर दिया। अस्पताल में मौजूद कुछ कर्मचारियों को भी बाहर निकलने में परेशानी हुई। इस दौरान अस्पताल स्टाफ और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बहस और तीखी नोकझोंक की स्थिति भी बनी।
फिलहाल हमीदिया अस्पताल के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और इंटर्न्स को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोकने की कोशिश जारी है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांग पर कायम हैं और लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। MBBS इंटर्न्स का कहना है कि उन्हें 14,337 रुपये का मौजूदा स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों के मुकाबले पर्याप्त नहीं लगता। वे सरकार से 30 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि सरकार इस मुद्दे पर जल्द फैसला ले। अब सबकी नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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