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    दिल्ली बाढ़

    दिल्ली बाढ़: लगातार बारिश और हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर से ऊपर बना हुआ है। शुक्रवार सुबह पुराने लोहे के पुल पर यमुना का जलस्तर 207.33 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर और चेतावनी स्तर 204.50 मीटर है। गुरुवार को यमुना का स्तर 207.48 मीटर तक पहुंच गया था, जो इस सीजन का सबसे ऊंचा स्तर रहा। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार पानी का स्तर धीरे-धीरे कम होना शुरू हो गया है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।

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    दिल्ली बाढ़: निचले इलाकों में पानी और राहत कार्य

    नदी के उफान के कारण दिल्ली के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। यमुना बाजार, सिविल लाइंस और आईएसबीटी कश्मीरी गेट इलाके में चार से दस फीट तक पानी भर गया है। नोएडा सेक्टर-135 समेत एनसीआर के कई हिस्सों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया और मयूर विहार फेज-1 के पास राहत शिविरों में ठहराया है। हालांकि, बाढ़ का पानी कुछ शिविरों तक भी पहुंच गया, जिसके बाद उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा।

    बाढ़ का असर रिहायशी इलाकों पर भी साफ दिख रहा है। आउटर रिंग रोड से लगा बाढ़ का पानी बेला रोड और आसपास की कॉलोनियों तक पहुंच गया है। कई घरों में चार से सात फीट तक पानी भर गया, जिसके कारण लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं। यमुना बाजार में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां पानी लगातार बढ़ने से दुकानें और घर पूरी तरह डूब गए। सिविल लाइंस का मोनेस्ट्री मार्केट भी पानी में डूबा हुआ है और इलाके में सन्नाटा पसरा है।

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    दिल्ली बाढ़: यमुना का वेग और पानी की रफ्तार

    विशेषज्ञों के अनुसार, यमुना का बहाव इस समय बेहद तेज है और पानी घटने की गति धीमी है। हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे करीब 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, दिल्ली के वजीराबाद और ओखला बैराज से लगभग 2 लाख क्यूसेक पानी हर घंटे बाहर निकल रहा है। इस वजह से दिल्ली में पानी की रफ्तार बहुत ज्यादा बनी हुई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में एहतियात के तौर पर अतिरिक्त मशीनें लगाई हैं ताकि बाढ़ के पानी को जल्द से जल्द निकाला जा सके।

    दिल्ली प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि यदि बारिश थमी और बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम हुई, तो अगले कुछ दिनों में हालात सामान्य हो सकते हैं।

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