गुजरात के बाद मध्य प्रदेश भाजपा के लिए एक मजबूत गढ़ के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस राज्य को अपना दूसरा घर मानते हैं। इसी कारण वे आज फिर से यहां अपना जन्मदिन मनाने पहुंचे हैं। इससे साफ झलकता है कि प्रधानमंत्री की विशेष नजर मध्य प्रदेश पर है।
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विधानसभा जीत के बाद पीएम मोदी का सबसे ज्यादा फोकस मध्य प्रदेश पर
दिसंबर 2023 के विधानसभा चुनावों में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा की जीत के बाद तीनों राज्यों में शपथ ग्रहण समारोह हुए, जिनमें पीएम मोदी मौजूद रहे। इसके बाद से मोदी ने सबसे अधिक ध्यान मध्य प्रदेश पर दिया। वे अब तक 20 बार किसी न किसी रूप में—दौरे, सीएम से मुलाकात या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए—राज्य से जुड़े। राजस्थान में उनकी सक्रियता अपेक्षाकृत कम रही और वे केवल चार बार पहुंचे, जबकि छत्तीसगढ़ में उनकी उपस्थिति दो बार रही। दिल्ली में उन्होंने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से औपचारिक मुलाकातें भी कीं। यह स्पष्ट संकेत है कि तीनों पड़ोसी राज्यों में प्रधानमंत्री मोदी की विशेष प्राथमिकता मध्य प्रदेश ही है।
गुजरात के बाद भाजपा का मजबूत गढ़ बना मध्य प्रदेश
भाजपा के गढ़ की बात करें तो गुजरात के बाद मध्य प्रदेश सबसे अहम माना जाता है। 2018 के चुनाव को छोड़ दें तो लगभग दो दशकों से यहां भाजपा की ही सरकार है। हालिया विधानसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को प्रचंड समर्थन दिया और पार्टी ने 163 सीटों पर जीत हासिल कर कांग्रेस को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया। इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने सभी 29 सीटों पर कब्जा कर नया कीर्तिमान बनाया। ये नतीजे प्रदेश की जनता और प्रधानमंत्री मोदी के बीच गहरे विश्वास को दर्शाते हैं। यही वजह है कि पीएम मोदी इस संबंध को लगातार और मजबूत बना रहे हैं। दूसरी बार मध्य प्रदेश में जन्मदिन मनाकर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि यह राज्य उनका दूसरा घर है।

