सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े लोगों की गतिविधियों की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मुद्दे को इतना भावनात्मक तरीके से लेने की जरूरत नहीं है। याचिका में दावा किया गया था कि यह सोशल मीडिया अभियान न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े कुछ लोग फर्जी डिग्री और नकली पहचान के जरिए सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान की गई मौखिक टिप्पणियों का व्यावसायिक और मॉनेटाइज्ड इस्तेमाल किया जा रहा है।
Also Read: Snake Alert App: सांप दिखने से पहले अलर्ट देगा ये स्मार्ट ऐप
कॉकरोच जनता पार्टी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की मांग
हालांकि, कोर्ट ने कहा कि मामले में कोई तत्काल गंभीर आवश्यकता नहीं दिखती और इस पर बाद में विचार किया जाएगा। अधिवक्ता राजा चौधरी द्वारा दायर याचिका में इस डिजिटल अभियान से जुड़े लोगों की जांच की मांग की गई है। याचिका के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कंटेंट के जरिए अदालत की टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। वहीं, इस पूरे विवाद की शुरुआत 15 मई को हुई उस सुनवाई के बाद हुई, जिसमें मुख्य न्यायाधीश ने कुछ बेरोजगार युवा वकीलों की तुलना ‘कॉकरोच’ से की थी।
बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी आम बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं थी, बल्कि उन लोगों के लिए थी जो फर्जी डिग्री और गलत योग्यताओं के जरिए पेशे में आने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अभियान को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है। पुलिस ने एहतियातन अभिजीत दिपके के महाराष्ट्र स्थित घर पर सुरक्षा भी बढ़ा दी है, क्योंकि यह मुद्दा सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड कर रहा है।
Also Read: भारत खरीदेगा 114 नए राफेल जेट, 90 बनेंगे देश में


[…] […]