अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीति का बचाव करते हुए विरोधियों पर कड़ी टिप्पणी की है। रविवार को उन्होंने कहा कि जो लोग टैरिफ के खिलाफ हैं, वे ‘मूर्ख’ हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि टैरिफ के कारण अमेरिका अब दुनिया का सबसे अमीर और सम्मानित देश बन गया है। उनका कहना था कि इस नीति के चलते अमेरिका में महंगाई कम है और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, जिससे अमेरिका की वैश्विक स्थिति और शक्ति में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि टैरिफ से अमेरिकी नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है, जो इस समय आर्थिक समृद्धि का अनुभव कर रहे हैं।
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ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि टैरिफ के कारण अमेरिका अब ट्रिलियनों डॉलर कमा रहा है, और इस धन से देश जल्द ही अपना कर्ज चुकाना शुरू करेगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सभी अमेरिकी नागरिकों को कम से कम 2,000 डॉलर का लाभांश मिलेगा, हालांकि यह राशि उच्च आय वाले व्यक्तियों को नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने आगे कहा कि टैरिफ नीति के चलते अमेरिका में रिकॉर्ड निवेश हो रहे हैं, नए प्लांट और फैक्टरियां बन रही हैं, और 401(के) जैसी सेवानिवृत्ति योजनाओं में भी अब तक का सबसे बड़ा उछाल देखा गया है। उनका यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के कार्यकाल में लागू किए गए वैश्विक टैरिफ पर सुनवाई शुरू की है, जिसे एक महत्वपूर्ण आर्थिक मामला माना जा रहा है।
ट्रंप की टैरिफ नीति पर सुप्रीम कोर्ट में सवाल
सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप की टैरिफ नीति पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने इस पर संदेह जताया। जस्टिस एमी कोनी बैरेट, नील गोरसच और ब्रेट कैवनॉ ने सवाल उठाया कि क्यों प्रशासन ने एक संघीय कानून का उपयोग करके सभी देशों पर समान टैरिफ लागू किया। इस पर वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि प्रशासन इसे आर्थिक आपातकाल मानता है। वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने अदालत में सरकार के कानूनी दलीलों पर विश्वास जताया और कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट कानून और तथ्यों के आधार पर सही फैसला करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ ट्रंप प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली सरकारों के लिए भी टैरिफ नीति की परिभाषा तय करेगा।
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