हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार तबाही मचा रहा है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने 10 और 11 अगस्त को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य में 11 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।
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बारिश और भूस्खलन से सड़क, बिजली और जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 10 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 11 अगस्त को चंबा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 7 अगस्त को बिलासपुर और कांगड़ा में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा 8 और 9 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर में भी भारी वर्षा की संभावना है। विभाग का अनुमान है कि 12 अगस्त के बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ (SEOC) की रिपोर्ट के मुताबिक 30 जून से 6 अगस्त के बीच मानसून और सड़क हादसों में 142 लोगों की जान गई है, जबकि 224 लोग घायल हुए हैं। इस दौरान प्रदेश को लगभग 797.87 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। प्राकृतिक आपदाओं से 64 और सड़क दुर्घटनाओं में 78 लोगों की मौत दर्ज की गई है। रिपोर्ट में दो लोगों के लापता होने और 194 पशुओं की मौत की भी पुष्टि की गई है। सबसे अधिक मौतें पेड़ या चट्टान गिरने और भूस्खलन की घटनाओं में हुई हैं।
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11 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
लगातार बारिश ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्ट के अनुसार 22 मकान पूरी तरह और 39 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 90 दुकानें, ढाबे और 142 गौशालाएं भी प्रभावित हुई हैं। करीब 72 हेक्टेयर कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में 120 सड़कें बंद हैं, जिनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है। सबसे अधिक सड़कें मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों में बाधित हैं।
बारिश का असर बिजली और पेयजल सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश में 39 ट्रांसफार्मर और 60 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग सड़क, बिजली और जलापूर्ति सेवाओं को बहाल करने में जुटे हैं। वहीं, प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है।
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