होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे जहाजों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं और समुद्री सुरक्षा चिंता बढ़ा रहे हैं। कतर से भारत आ रहे एलएनजीसी अल रेकाय्यत जहाज पर ओमान की खाड़ी में ड्रोन हमला हुआ। हमले के समय जहाज पर कुल 29 चालक दल सदस्य मौजूद थे, जिनमें चार भारतीय नागरिक शामिल थे।
अधिकारियों ने बताया कि हमले में किसी व्यक्ति की मौत, घायल होने या पर्यावरणीय क्षति की सूचना नहीं मिली। सभी चालक दल सदस्य सुरक्षित हैं और संबंधित एजेंसियां लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हमले के बाद जहाज के इंजन कक्ष में आग लगी और वहां से घना धुआं उठता दिखाई दिया। यह जहाज कतर के रास लाफान बंदरगाह से गुजरात के दाहेज बंदरगाह की ओर जा रहा था। हमले से जहाज को काफी नुकसान पहुंचा, जबकि अधिकारी आगे की यात्रा पर फैसला कर रहे हैं। मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाजों पर हमलों ने क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा दिया।
होर्मुज में जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिकी एयर स्ट्राइक, ईरान का कड़ा विरोध
ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने तीन जहाजों पर हमलों की आधिकारिक पुष्टि की। एजेंसी ने बताया कि अज्ञात प्रक्षेपास्त्रों ने इन जहाजों को समुद्री मार्ग में निशाना बनाया। अमेरिका ने इन हमलों के पीछे ईरान की भूमिका होने का आरोप सार्वजनिक रूप से लगाया। ईरान ने इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की। अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी बलों ने एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल ठिकानों, तटीय निगरानी केंद्रों और ड्रोन लॉन्च साइटों को निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई और तेल लाइसेंस रद्द करने को अंतरिम समझौते का उल्लंघन बताते हुए गंभीर परिणामों की चेतावनी दी।

