राम मंदिर ट्रस्ट खर्च SIT जांच तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पिछले दो वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच के दायरे में 124 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च शामिल हैं। एसआईटी ऑडिट रिपोर्ट, भुगतान वाउचर, बिल और चार्टर्ड अकाउंटेंट के रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। जांच का उद्देश्य सभी खर्चों की पारदर्शिता और वैधता सुनिश्चित करना है।जांच का सबसे बड़ा हिस्सा 22 जनवरी 2024 को आयोजित रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से जुड़ा है। इस भव्य कार्यक्रम में करीब 8,000 अतिथि शामिल हुए थे। ट्रस्ट के रिकॉर्ड के अनुसार इस आयोजन पर लगभग 113 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनमें 35.97 करोड़ रुपये टेंट सिटी, शेड और अस्थायी बुनियादी ढांचे पर खर्च होने का उल्लेख है। एसआईटी इन सभी भुगतानों की विस्तार से जांच कर रही है।
Also Read : जयपुर-अजमेर हाईवे हादसा: ट्रॉले की टक्कर से 4 बच्चों की मौत
उत्तर प्रदेश की एसआईटी जांच कर रही है
एसआईटी अक्षत पूजन अभियान के खर्चों की भी समीक्षा कर रही है। ऑडिट रिकॉर्ड के अनुसार इस अभियान पर 30.85 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके अलावा 25 नवंबर 2025 को आयोजित राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह भी जांच के दायरे में है। ट्रस्ट के दस्तावेजों में इस आयोजन पर 10.12 करोड़ रुपये खर्च होने का उल्लेख है। जांच अधिकारी संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं। जांच एजेंसियां इन आयोजनों में खरीदी गई सामग्री के इन्वेंट्री रिकॉर्ड, भंडारण व्यवस्था और मौजूदा स्थिति की भी जांच कर रही हैं। अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि सभी खरीद और भुगतान निर्धारित नियमों के अनुसार किए गए या नहीं। फिलहाल जांच दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के सत्यापन पर केंद्रित है।राम मंदिर ट्रस्ट खर्च SIT जांच अभी जारी है और अब तक किसी तरह की अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
Also Read : महाराष्ट्र में बारिश का कहर, पुणे में भूस्खलन से मकान ढहा; 1 की मौत, 2 लोग लापता


[…] […]
[…] […]