नाग पंचमी पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया—उनके वाहन को सर्प और भांग से विभूषित कर नव मुखौटा, मोगरे एवं गुलाब की माला पहनाई गई। कपूर आरती के बाद रुद्राक्ष की माला और नया मुकुट धारण कराया गया। महानिर्वाणी अखाड़े ने शिवलिंग को वस्त्र से ढककर भस्म अर्पित की। श्रृंगार की अनूठी विशेषता यह थी कि उनके मस्तक पर कमल का पुष्प रखा गया। हजारों श्रद्धालु इस दिव्य दर्शन के लिए आए और मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के उद्घोष से गूंज उठा। यह आयोजन मान्यता के अनुसार निराकार से साकार रूप में महाकाल के रूप में दर्शन कराने वाला होता है।
नाग पंचमी विशेष: महाकालेश्वर मंदिर में भांग व सर्प से किया श्रृंगार, कमल एवं रुद्राक्ष से सजा मुख, भस्म‑आरती, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया दिव्य दर्शन
नाग पंचमी पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया—उनके वाहन को सर्प और भांग से विभूषित कर नव मुखौटा, मोगरे एवं गुलाब की माला पहनाई गई। कपूर आरती के बाद रुद्राक्ष की माला और नया मुकुट धारण कराया गया। महानिर्वाणी अखाड़े ने शिवलिंग को वस्त्र से ढककर भस्म अर्पित की। श्रृंगार की अनूठी विशेषता यह थी कि उनके मस्तक पर कमल का पुष्प रखा गया। हजारों श्रद्धालु इस दिव्य दर्शन के लिए आए और मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के उद्घोष से गूंज उठा। यह आयोजन मान्यता के अनुसार निराकार से साकार रूप में महाकाल के रूप में दर्शन कराने वाला होता है।
सावन तृतीय सोमवार: 4 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन, चलित भस्म आरती में 14,000 भक्त शामिल
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने बताया कि श्रावण माह के तीसरे सोमवार को सुबह 4 बजे से अब तक चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए हैं। इस विशेष चलित भस्म आरती में लगभग 14,000 भक्तों ने भाग लिया। दर्शन प्रक्रिया को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए मंदिर समिति द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं।

