दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात 27 वर्षीय SWAT कमांडो काजल चौधरी को 22 जनवरी को उनके घर में बेरहमी से मारा गया। उस समय वह चार महीने की गर्भवती थीं। उनके पति अंकुर ने काजल के भाई निखिल को फोन किया और कहा, “मैं तुम्हारी बहन को मार डालूंगा, कॉल रिकॉर्ड कर लो।” निखिल ने फोन पर अपनी बहन की चीखें सुनीं, जब अंकुर ने डंबल से उसके सिर पर कई वार किए। गंभीर रूप से घायल काजल को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पांच दिन तक संघर्ष करने के बाद 27 जनवरी की सुबह उसकी मौत हो गई।
कॉल पर सुनी गई हत्या: “मैं तुम्हारी बहन को मार डालूंगा, कॉल रिकॉर्ड कर लो”
22 जनवरी की भयावह घटना के दौरान काजल अपने घर मोहन गार्डन में थीं। घटना के समय अंकुर ने निखिल से कहा कि वह कॉल रिकॉर्ड करे ताकि यह पुलिस सबूत के तौर पर इस्तेमाल हो सके। निखिल ने फोन पर अपनी बहन की चीखें सुनीं, जब अंकुर ने डंबल से उसके सिर पर कई वार किए। थोड़ी देर बाद कॉल कट गई और पांच मिनट के भीतर अंकुर ने फोन कर बताया कि काजल मर चुकी है। पुलिस और निखिल जब अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि काजल का सिर बुरी तरह कुचला हुआ था और पूरे शरीर पर गंभीर चोटें थीं।
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अस्पताल में मौत और उत्पीड़न का मामला: “मैं तुम्हारी बहन को मार डालूंगा, कॉल रिकॉर्ड कर लो”
हमले के बाद काजल को पहले दिल्ली के कई अस्पतालों में एडमिट कराने की कोशिश की गई, लेकिन गंभीर हालत के कारण उसे गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया। पांच दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद, 27 जनवरी को उसकी मौत हो गई। निखिल ने आरोप लगाया कि अंकुर और उसके परिवार वाले लंबे समय से काजल को दहेज और घरेलू उत्पीड़न के लिए परेशान कर रहे थे। पहले भी अंकुर ने बहन के साथ मारपीट की थी। गर्भावस्था के दौरान भी काजल से घर के काम कराए जाते थे। काजल का डेढ़ साल का बेटा फिलहाल नाना-नानी के पास सुरक्षित है। अंकुर को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया।
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