पिछले 14 दिनों से ईरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ विरोध जारी रखा है। बीते तीन दिनों में उन्होंने बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर विरोध जताया, जबकि सरकार ने उनकी कार्रवाई रोकने की कोशिश की। हिंसा तेज़ हुई और अब तक 100 से ज़्यादा लोग, ज्यादातर प्रदर्शनकारी, मारे गए। ईरान अधिकारियों ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं, जिससे मीडिया और लोगों को घटनाओं की जानकारी जुटाना मुश्किल हो गया।
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अंतरराष्ट्रीय समर्थन और सरकारी कार्रवाई
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय आयोग ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। यूरोपीय आयोग ने ईरान में हिंसक दमन की निंदा करते हुए सभी जेल में बंद प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग की। ईरानी जनरल प्रॉसिक्यूटर ने सभी दंगाइयों पर मुक़दमे तेज़ करने और कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने सोशल मीडिया पोस्ट में देशवासियों के दिलों में जीत का विश्वास जगाया। रज़ा पहलवी ने भी प्रदर्शनकारियों से मुख्य सड़कों पर जुटने और सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने का आह्वान किया।
दुनिया के कई देशों में ईरानी समुदाय ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सड़कों पर उतरकर विरोध किया। वहीं भारत में पढ़ाई कर रहे छात्रों और उनके परिवारों ने बिगड़ते हालात के कारण चिंता जताई, क्योंकि इंटरनेट बंद होने से संपर्क बनाए रखना मुश्किल हो गया है।
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