SC के पूर्व जज Markandey Katju ने नई राजनीतिक पहल की घोषणा सोमवार की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘इश्क करो पार्टी’ नामक संगठन शुरू करने की आधिकारिक जानकारी साझा। इस नई पहल के संरक्षक बनकर काटजू ने लोगों से सदस्यता अभियान जुड़ने की अपील की। उन्होंने इच्छुक नागरिकों को पार्टी की आधिकारिक ईमेल आईडी पर संपर्क करने का सार्वजनिक निमंत्रण दिया। सोशल मीडिया पर यह घोषणा सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं।
SC समाज में एकता बढ़ाने का उद्देश्य बताया
SC पूर्व जज Markandey Katju ने स्पष्ट किया कि लोग इस पहल को गलत समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई नागरिक इसे केवल प्रेम संबंधों या वैलेंटाइन डे जैसी गतिविधियों से जोड़ते। काटजू के अनुसार, ‘इश्क करो पार्टी’ का असली उद्देश्य समाज में बढ़ती नफरत और विभाजन समाप्त करना। उन्होंने बताया कि देश गरीबी, बेरोजगारी, कुपोषण, महंगी शिक्षा और कमजोर स्वास्थ्य सेवाओं जैसी समस्याओं से जूझ रहा। काटजू ने कहा कि जनता की एकजुटता और आपसी प्रेम से ही इन समस्याओं का समाधान संभव।
Markandey Katju ने कहा कि वर्तमान समय में समाज जाति और धर्म आधारित राजनीति से प्रभावित लगातार हो रहा। उनके अनुसार, कई राजनेता अपने राजनीतिक लाभ और वोट बैंक मजबूत करने के लिए नफरत फैलाते हैं। उन्होंने दावा किया कि ‘इश्क करो पार्टी’ समाज में भाईचारा, प्रेम और सामाजिक एकता को मजबूत करेगी। काटजू ने कहा कि जब तक जनता आपसी मतभेद भुलाकर साथ नहीं आएगी, समस्याएं बनी रहेंगी। उन्होंने नागरिकों से सामाजिक सौहार्द कायम रखने और नफरत की राजनीति से दूर रहने की अपील की।
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सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
पूर्व जज Markandey Katju ने इस दौरान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने पार्टी संस्थापक Abhijeet Deepke की मांगों पर सवाल उठाते हुए आलोचना की। काटजू ने कहा कि केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर्याप्त नहीं होगी। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कोई मंत्री पद छोड़ता है, तो उसकी जगह दूसरा व्यक्ति नियुक्त होगा। काटजू ने कहा कि वास्तविक बदलाव के लिए व्यवस्था और समाज दोनों स्तरों पर सुधार आवश्यक रहेगा।
‘इश्क करो पार्टी’ के ऐलान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बहस और प्रतिक्रियाएं तेजी से बढ़ने लगीं। कुछ लोगों ने काटजू की पहल को अनोखा सामाजिक संदेश बताया, जबकि कई लोगों ने आलोचना भी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल पारंपरिक राजनीति से अलग सामाजिक सोच प्रस्तुत करने प्रयास करेगी। दूसरी तरफ, कई यूजर्स ने इसे व्यंग्यात्मक राजनीति और सोशल मीडिया प्रचार का नया तरीका बताया। आने वाले दिनों में यह नई पहल राजनीतिक चर्चाओं और सार्वजनिक बहसों का महत्वपूर्ण विषय बन सकती।

