लैंड फॉर जॉब घोटाले में लालू प्रसाद यादव के परिवार को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के साथ ही बेटे तेज प्रताप, तेजस्वी और बेटी हेमा पर भी आरोप तय किए हैं। वहीं, कुल 98 आरोपियों में से 52 को कोर्ट ने आरोपमुक्त कर दिया। कोर्ट ने पाया कि लालू यादव और उनके परिवार ने संदेह के आधार पर एक व्यापक साजिश रची थी। चार्जशीट के अनुसार, लालू के करीबी सहयोगियों ने नौकरियों के बदले जमीन अधिग्रहण में सह-साजिश करके उनका साथ दिया थे।
लैंड फॉर जॉब घोटाले में 40+ आरोपियों पर आरोप तय, ट्रायल शुरू
लैंड फॉर जॉब घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख। दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव ,उनके परिवार सहित 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय किए हैं। पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव और उनके परिवार सहित 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय किए हैं। सीबीआई की विशेष अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि मामले की आगे सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। अब ट्रायल शुरू होगा, जिसमें आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश किए जाएंगे। कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती की बरी करने की दलील खारिज करते हुए कहा कि वे सरकारी पद का लाभ उठाकर आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे।
सीबीआई ने लालू यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव समेत कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि 2004 से 2009 तक लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र (जबलपुर जोन) में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले जमीन ली गई, जिसे लालू परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम पर कराया गया।


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