ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में बीजेपी से रुझानों में काफी पीछे दिख रही है। डेटानेट के अनुसार, टीएमसी 96 सीटों पर जबकि बीजेपी 191 सीटों पर आगे है। 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटें जरूरी होती हैं। हालांकि ये अभी शुरुआती रुझान हैं, फिर भी अगर टीएमसी हारती है । तो यह नतीजा ऐतिहासिक माना जाएगा। मौजूदा रुझानों में बीजेपी यह आंकड़ा पार करती नजर आ रही है। पिछले चुनाव में टीएमसी ने 213 सीटें और बीजेपी ने 77 सीटें जीती थीं। इसके विपरीत, इस बार एग्जिट पोल ने दोनों के बीच कड़ा मुकाबला दिखाया था। इसी कारण नतीजों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पिछले करीब 50 वर्षों में पश्चिम बंगाल में ज्यादातर चुनाव एकतरफा रहे हैं।
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ममता बनर्जी की भवानीपुर, शुभेंदु अधिकारी की नंदीग्राम और दिलीप घोष की सीटों का हाल जानिए
इसलिए अगर इस बार मुकाबला कड़ा होता है, तो यह एक बड़ा बदलाव माना जाएगा। इसके अलावा, यह चुनाव कई मायनों में अलग रहा है। प्रमुख दलों के नेतृत्व, उम्मीदवारों और सुरक्षा बलों की भूमिका ने इसे खास बना दिया है। 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने गई थीं। लेकिन वहां उन्हें बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद ममता भवानीपुर लौट आईं और उपचुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की थी। इस बार बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को भवानीपुर में चुनौती दे रहे हैं। साथ ही, वे नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भवानीपुर से ममता बनर्जी कभी आगे तो कभी पीछे दिखीं। लेकिन अब वे 8,000 से ज्यादा मतों से आगे चल रही हैं। वहीं, नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी 7,000 से अधिक वोटों से आगे हैं।
पिछले चुनाव में उन्हें नंदीग्राम में सिर्फ 1,956 वोटों के अंतर से जीत मिली थी। नंदीग्राम में मतदान 23 अप्रैल को पहले चरण में हुआ था, जबकि भवानीपुर में 29 अप्रैल को दूसरे चरण में वोटिंग हुई थी। वर्तमान रुझानों में पश्चिम बंगाल में बीजेपी आगे चल रही है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पिछड़ती दिख रही है। यदि बीजेपी जीत दर्ज करती है, तो यह पहली बार होगा जब वह राज्य में सरकार बनाएगी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि शुरुआती चरण में भवानीपुर में मुकाबला कड़ा रहेगा। उन्होंने दावा किया कि पहले राउंड में 14 बूथों में से 6 मुस्लिम बहुल हैं। जहां पहले टीएमसी को 90–95% वोट मिलते थे, लेकिन इस बार स्थिति बदल गई है। उन्होंने यह भी कहा कि वे हिंदू बहुल बूथों में आगे हैं और आगे के राउंड में बढ़त बना लेंगे।
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