ओडिशा पुलिस ने भाजपा नेता और अधिवक्ता पीताबास पांडा की हत्या के मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व BJD विधायक और गंजाम जिला अध्यक्ष बिक्रम पांडा भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि हत्या के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, व्यक्तिगत दुश्मनी और आर्थिक विवाद की बातें सामने आई हैं। बीजद ने इन गिरफ्तारियों को राजनीति से प्रेरित बताया और पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। पुलिस अधीक्षक सरवन विवेक एम ने बताया कि पीताबास पांडा की हत्या के लिए ₹50 लाख की डील तय हुई थी। इसमें से ₹10 लाख सुपारी किलर को दिए गए थे। जांच में सामने आया कि बिक्रम पांडा ने ही हत्या की साजिश रची थी। पांडा को छह अक्टूबर को उनके घर के पास गोली मार दी गई थी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया है।
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ओडिशा पुलिस ने बिहार के दो शूटरों की साजिश का किया खुलासा
एसपी ने बताया कि हत्या की योजना 24 सितंबर को बिहार के दो अपराधियों ने तैयार की थी। हालांकि, वे उस समय इसे अंजाम नहीं दे सके। बाद में आरोपी कुरुपति भुइयां ने “नमस्ते” कहकर पांडा की पहचान की और गोली चलाई। चिंटू प्रधान नाम का व्यक्ति बाइक चला रहा था और दोनों वारदात के बाद फरार हो गए। पुलिस ने दो हफ्तों में 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की और 500 सीसीटीवी फुटेज की जांच की। सभी गिरफ्तार आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में बरहामपुर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब मामले की आगे की जांच जारी रखे हुए है।

