पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर संकट के कारण भारत में एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी. इसी बीच दक्षिण अमेरिका का देश अर्जेंटीना भारत की मदद के लिए आगे आया है. अर्जेंटीना ने भारत को बड़ी मात्रा में एलपीजी भेजकर ऊर्जा संकट को कम करने में सहयोग किया है. इस कदम को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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अर्जेंटीना ने 2026 की पहली तिमाही में भारत को करीब 50,000 टन एलपीजी की आपूर्ति की है. यह मात्रा पूरे 2025 में भेजे गए 22,000 टन से दोगुने से भी अधिक है. युद्ध शुरू होने से पहले बहिया ब्लैंका बंदरगाह से 39,000 टन एलपीजी भारत के लिए भेजी जा चुकी थी. इसके बाद 5 मार्च को संकट के बीच 11,000 टन का एक और शिपमेंट भारत के लिए रवाना किया गया.भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो अगस्टिन कौसेनो ने कहा कि उनका देश भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाने को तैयार है. उन्होंने भारत की ऊर्जा विविधता की रणनीति की सराहना की. उनके अनुसार अर्जेंटीना के पास प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार मौजूद हैं. यही वजह है कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग तेजी से बढ़ रहा है.
होर्मुज संकट के बीच अर्जेंटीना ने बढ़ाई भारत को एलपीजी सप्लाई
अर्जेंटीना की राष्ट्रीय गैस और तेल कंपनी के प्रमुख पिछले साल दो बार भारत का दौरा कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और भारतीय ऊर्जा कंपनियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं. इन बैठकों में ऊर्जा व्यापार और भविष्य की साझेदारी को लेकर चर्चा हुई. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग आने वाले समय में और मजबूत हो सकता है.
होर्मुज स्ट्रेट भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से देश की लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात होती है. क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण इस रूट पर आपूर्ति प्रभावित हुई. इसी वजह से भारत में गैस आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी. हालांकि सरकार ने हालात से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं.भारत सरकार ने एलपीजी संकट से निपटने के लिए घरेलू स्तर पर भी कई फैसले किए हैं. होटल और खानपान कारोबार के लिए कमर्शियल एलपीजी का कोटा 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है. इसके साथ ही देशभर में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं. इन कदमों का उद्देश्य गैस की उपलब्धता को बेहतर बनाना है.
भारत अब ऊर्जा सुरक्षा के लिए दुनिया के 40 से अधिक देशों के साथ संपर्क बढ़ा रहा है. अर्जेंटीना के साथ यह ऊर्जा साझेदारी अपेक्षाकृत नई है. वर्ष 2024 से पहले अर्जेंटीना भारत को एलपीजी नहीं भेजता था. हालांकि अब वैश्विक हालात के चलते यह संबंध तेजी से मजबूत हो रहा है और भारत के लिए राहत साबित हो रहा है.
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