• Fri. Apr 24th, 2026
    सोने और चांदी

    सोने और चांदी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय बैंकों ने विदेशों से आने वाले सोने और चांदी के आयात ऑर्डर रोक दिए हैं, जिससे बाजार में हलचल बढ़ गई है। सीमा शुल्क को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण यह फैसला लिया गया है। सरकार ने बुलियन इम्पोर्ट पर अभी तक कोई नया आदेश या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है, जिसके चलते बैंक नई खेप क्लियर नहीं कर पा रहे हैं।

    बैंकों के इस कदम से कई टन सोना और चांदी विदेशों में फंस गया है। इससे देश में आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, क्योंकि भारत सोने-चांदी की जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर करता है। यदि आयात जल्द शुरू नहीं हुआ तो घरेलू बाजार में कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।

    यह पहली बार है जब सरकारी आदेश के अभाव में सीमा शुल्क का मामला अटका है और बैंकों ने आयात रोक दिया है। सरकार ने सीमा शुल्क पर आखिरी आदेश अप्रैल 2025 में जारी किया था, जो 31 मार्च 2026 तक वैध रहा। अब बैंक डीजीएफटी के नए आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

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    5 टन से ज्यादा सोना और 8 टन चांदी फंसी, नए ऑर्डर पर भी लगी ब्रेक

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के एक निजी बैंक के बुलियन डीलर ने बताया कि बैंकों को उम्मीद थी कि डीजीएफटी हर साल की तरह अप्रैल की शुरुआत में आदेश जारी करेगा, लेकिन अब तक कोई निर्देश नहीं मिला है। इस वजह से 5 टन से अधिक सोना सीमा शुल्क मंजूरी के बिना अटका हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, करीब 8 टन आयातित चांदी भी कस्टम क्लियरेंस का इंतजार कर रही है।

    एक अन्य बुलियन डीलर ने साफ कहा कि जब पहले से भेजा गया माल ही नहीं निकल पा रहा है तो नए ऑर्डर देने का कोई औचित्य नहीं है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में भारत में सोने की मांग घटकर 710.9 मीट्रिक टन रह गई, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे कम है।

    रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीनों में आयात किए गए सोने और चांदी का स्टॉक घट रहा है और बाजार अब एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स की बिक्री पर ज्यादा निर्भर हो गया है, जहां निकासी देखी जा रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र मेहता ने सरकार से जल्द स्पष्टता लाने और आयात दोबारा शुरू करने की मांग की है।

    अक्षय तृतीया से पहले सप्लाई संकट की आशंका, ज्वैलरी शेयरों पर दबाव

    मेहता ने अक्षय तृतीया का उल्लेख करते हुए कहा कि आयात बंद रहने से आपूर्ति में कमी आएगी और त्योहार के बाद प्रीमियम बढ़ सकता है। कोलकाता के एक बुलियन व्यापारी ने बताया कि युद्ध की स्थिति के कारण भारत का तेल और गैस आयात बिल बढ़ा है। सरकार व्यापार घाटा कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठा सकती है।

    इस फैसले का असर ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों पर भी दिखा है। कल्याण ज्वैलर्स के शेयर 5 प्रतिशत से अधिक गिरकर 415 रुपये पर पहुंच गए। टाइटन के शेयरों में भी करीब 1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 4,423.60 रुपये पर बंद हुआ। एमसीएक्स पर भी कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। सोने के भाव में 300 रुपये की गिरावट आई, जबकि चांदी की कीमतों में भी कमजोरी दर्ज की गई।

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