• Thu. Apr 23rd, 2026
    आदित्य धर

    आदित्य धर की फिल्म धुरंधर: द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान बना रही है। लंदन के एक सिनेमाघर में फिल्म का शो हाउसफुल रहा, जो हिंदी फिल्मों के लिए अब भी कम ही देखने को मिलता है।

    फिल्म के दौरान जैसे ही क्रेडिट रोल में आदित्य धर का नाम स्क्रीन पर आया, दर्शकों ने पूरे हॉल में तालियां बजाईं। आमतौर पर भारतीय व्यावसायिक सिनेमा में दर्शक सिर्फ स्टार्स के लिए तालियां बजाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने निर्देशक के लिए भी उत्साह दिखाया।

    आदित्य धर इस बदलाव के केंद्र में हैं। उन्होंने धुरंधर की दुनिया को स्क्रीन पर जीवंत किया और दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।

    आदित्य धर ने गीतकार के रूप में अपनी पहली सफलता हासिल की

    उनक| जन्म 1983 में दिल्ली में एक कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ। उनकी मां दिल्ली विश्वविद्यालय में कार्यरत थीं। इसी शहर में उनकी पढ़ाई पूरी हुई और यहीं से क्रिकेट के प्रति उनका जुनून पनपा। एक स्पिनर के रूप में उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचने का सपना देखा और वर्षों तक उसी दिशा में मेहनत की, लेकिन अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम में जगह न मिलने पर उन्हें यह सपना छोड़ना पड़ा।

    पढ़ाई के दौरान डिस्लेक्सिया ने उनके सामने लगातार चुनौतियां खड़ी कीं, यहां तक कि 150 पेज की स्क्रिप्ट पढ़ना भी कठिन हो जाता था। फिर भी उन्होंने कहानियां लिखने का सपना नहीं छोड़ा और 2006 में इसी जुनून के साथ मुंबई का रुख किया। शुरुआती 10-12 साल उन्होंने संघर्ष और गुमनामी में गुजारे।

    अपने करियर की शुरुआत उन्होंने गीतकार के रूप में की। Yash Raj Films की फिल्म काबुल एक्सप्रेस के लिए लिखा गया उनका गीत ‘काबुल फ़िज़ा’ काफी लोकप्रिय हुआ। इसी दौरान उन्होंने शॉर्ट फिल्म बूंद की स्क्रिप्ट और डायलॉग भी लिखे, जिसे राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

    Also read:https://www.orderofindia.com/weather/earth-climate-imbalance-hits-record-high-wmo-report-2025/

    आदित्य धर ने रुकी फिल्म से नई कहानी की प्रेरणा हासिल की

    आदित्य धर ने बताया कि जिस उरी हमले की वजह से उनकी पहली फिल्म रुकी थी, उसी घटना और भारत की सर्जिकल स्ट्राइक ने उन्हें नई कहानी बनाने की प्रेरणा दी।

    एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि रात बाकी के ठंडे बस्ते में जाने के बाद उरी हमले और उसके बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक ने उनके भीतर नई कहानी को जन्म दिया। उन्होंने इस विषय पर फिल्म बनाने का फैसला किया और अपनी जमा-पूंजी लगाकर रिसर्च शुरू की। उन्होंने पत्रकारों, सेना के अधिकारियों और रक्षा विशेषज्ञों से मुलाकात की। उन्होंने माना कि असफलता का डर था, लेकिन खुद को साबित करने का जुनून उससे कहीं बड़ा रहा।

    करीब छह महीने की तैयारी के बाद आदित्य धर ने महज 12 दिनों में फिल्म उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी स्क्रिप्ट लिखी।

    Also read:https://centraltimes.in/national/india-first-crude-tanker-strait-of-hormuz-mumbai-iran-us-conflict/

    Share With Your Friends If you Loved it!