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    एआई के दौर में आईटी सेक्टर में नौकरी का समीकरण बदल रहा

    आईटी

    भारत के आईटी सेक्टर में एआई के बढ़ते इस्तेमाल का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। हाल ही में आईटी कंपनी Oracle ने भारत में करीब 12,000 कर्मचारियों को ईमेल के जरिए नौकरी से निकाल दिया। इस बड़े फैसले का असर हजारों परिवारों पर पड़ा है। अनुमान है कि इस छंटनी से लगभग 50 से 60 हजार लोग अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं।

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    सोशल मीडिया पर कई कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा किए हैं। इनमें 14 साल के अनुभवी कर्मचारियों से लेकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारी भी शामिल हैं। कई लोगों को सुबह-सुबह कंपनी की ओर से ईमेल मिला जिसमें नौकरी खत्म होने की जानकारी दी गई। अचानक आए इस फैसले ने कर्मचारियों को हैरान कर दिया।

    एआई के बढ़ते इस्तेमाल से आईटी सेक्टर में बढ़ी नौकरी की चिंता

    हालांकि कुछ कर्मचारियों को पहले से अंदेशा था कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल से नौकरियों पर असर पड़ सकता है। फिर भी जिस पैमाने पर छंटनी हुई, उसने सभी को चौंका दिया। इस साल Meta, IBM और Amazon जैसी बड़ी कंपनियों में भी बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक इन कंपनियों से निकाले गए कर्मचारियों की संख्या 85 हजार से ज्यादा हो चुकी है।एक पूर्व महिला कर्मचारी ने बताया कि नई तकनीक आने पर ऐसे बदलाव अक्सर देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी में चार साल काम करने के दौरान उनकी परफॉर्मेंस रेटिंग लगातार अच्छी रही थी। उन्हें एआई से जुड़ी ट्रेनिंग भी दी गई थी, इसके बावजूद नौकरी जाना उनके लिए बड़ा झटका रहा।

    आईटी उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि सेक्टर तेजी से एआई की ओर बढ़ रहा है। टेक एडवाइजरी कंपनी Tholons के चेयरमैन Avinash Vashistha के अनुसार कंपनियां अब ऐसे कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं जो शुरुआत से ही एआई के साथ काम कर सकें। ऐसे लोगों को ‘एआई नेटिव’ कहा जा रहा है।

    हालांकि कुछ मानव संसाधन विशेषज्ञों की राय थोड़ी अलग है। TeamLease Services के संस्थापक Manish Sabharwal का मानना है कि एआई केवल नौकरियां खत्म नहीं करेगा बल्कि नए अवसर भी पैदा करेगा। उनके अनुसार भारत में सॉफ्टवेयर सेक्टर में रोजगार भविष्य में और बढ़ सकता है।

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    फिलहाल एआई के कारण कंपनियां अपने काम करने के तरीके बदल रही हैं। कई जगह एआई कम समय में ज्यादा काम कर रहा है, जिससे कर्मचारियों की जरूरत घट रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में आईटी उद्योग का स्वरूप तेजी से बदलेगा और कर्मचारियों को नई तकनीकों के साथ खुद को लगातार अपडेट करना होगा।

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