• Thu. Apr 23rd, 2026
    अडानी

    अमेरिका की एक अदालत ने गौतम अडानी और सागर अडानी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सिक्योरिटीज रेगुलेटर के केस को खारिज करने के लिए प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस की मांग की थी। इस अहम कानूनी राहत के बाद Adani Group के शेयरों में 8 अप्रैल 2026 को जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का ध्यान एक बार फिर समूह की ओर आकर्षित हुआ। बाजार में इस फैसले को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस घटनाक्रम का असर शेयरों की दिशा पर और स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।

    करीब 15 महीने पुराने इस मामले को U.S. Securities and Exchange Commission (SEC) ने दायर किया था, लेकिन अदालत द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने के बाद बाजार में यह संकेत गया है कि केस आगे चलकर कमजोर पड़ सकता है। इसी सकारात्मक धारणा के चलते Adani Group के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे उनमें तेज उछाल दर्ज हुआ। निवेशकों ने इसे कानूनी मोर्चे पर राहत के रूप में देखा, जिससे बाजार में भरोसा मजबूत हुआ। विश्लेषकों का मानना है कि यदि आगे भी ऐसे संकेत मिलते रहे, तो शेयरों में तेजी का रुख जारी रह सकता है।

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    अडानी ग्रुप के शेयरों में जोरदार खरीदारी, कई स्टॉक्स में डबल डिजिट उछाल

    तेजी की अगुवाई Adani Green Energy और Adani Total Gas ने की, जिनके शेयर करीब 13% तक उछल गए, जबकि Adani Enterprises में लगभग 11% की मजबूती दर्ज हुई। इसके अलावा Ambuja Cements और Adani Energy Solutions ने 10% का अपर सर्किट छुआ। वहीं Adani Ports, Adani Power और ACC Limited के शेयरों में 6-8% तक की बढ़त रही, जबकि NDTV में करीब 12% की तेज़ी देखने को मिली। इस व्यापक तेजी ने पूरे समूह में मजबूत खरीदारी का संकेत दिया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सकारात्मक खबरों के चलते निवेशकों की दिलचस्पी इन शेयरों में और बढ़ सकती है।

    इस तेजी के पीछे केवल कोर्ट का फैसला ही नहीं, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों का भी बड़ा योगदान रहा। अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर की खबरों से भारतीय बाजार में रिकवरी आई, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और Adani Group के शेयरों में और तेजी देखने को मिली। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल फिलहाल सकारात्मक खबरों पर आधारित है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। यदि मामला पूरी तरह खारिज होता है तो शेयरों में और तेजी आ सकती है, लेकिन विपरीत स्थिति में उतार-चढ़ाव भी बढ़ सकता है।

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