उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रायबरेली के बछरावां से PDA यात्रा की शुरुआत की। यह क्षेत्र कांग्रेस नेता राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है, इसलिए अखिलेश की यात्रा को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यात्रा के दौरान अखिलेश यादव पार्टी के पिछड़े और दलित वर्ग के नेताओं से मुलाकात करेंगे। सपा इस कार्यक्रम के जरिए अपने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। साथ ही, पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने संगठन और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर भी जोर दे रही है।
सपा नेताओं से मुलाकात और PDA समीकरण
PDA यात्रा के पहले चरण में अखिलेश यादव बछरावां और हरचंदपुर के सपा नेताओं से मुलाकात करेंगे। बछरावां के सपा विधायक श्याम सुंदर भारती अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं, जबकि हरचंदपुर के विधायक राहुल लोधी पिछड़ा वर्ग से जुड़े हैं। दोनों नेताओं का नाम हाल में पुलिस के साथ हुए विवाद को लेकर सामने आया था। सपा ने इन घटनाओं को अपने नेताओं के सम्मान से जोड़कर मुद्दा उठाया था। अखिलेश की यात्रा ऐसे समय शुरू हुई है, जब सपा और कांग्रेस के बीच 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सीटों के बंटवारे की चर्चा भी जारी है। सपा लगातार इंडिया गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की बात कह रही है, लेकिन दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर अलग-अलग बयान सामने आए हैं।
अखिलेश यादव की रायबरेली यात्रा को लेकर सपा की रणनीति में कई राजनीतिक पहलू दिखाई दे रहे हैं। पार्टी एक तरफ पिछड़े और दलित मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। दूसरी तरफ, रायबरेली जैसे कांग्रेस के मजबूत क्षेत्र में अपनी राजनीतिक मौजूदगी दिखाने की कोशिश कर रही है। रायबरेली लोकसभा सीट पर राहुल गांधी सांसद हैं, लेकिन जिले की विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कोई विधायक नहीं है। 2022 के विधानसभा चुनाव में छह सीटों में सपा ने चार सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, बाद में ऊंचाहार से सपा विधायक रहे मनोज पांडेय भाजपा में शामिल हो गए। इन समीकरणों के बीच अखिलेश की यात्रा ने रायबरेली की राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया है।
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रायबरेली से सियासी संदेश देने की कोशिश
यात्रा को लेकर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की PDA यात्रा पर निशाना साधा और इसे कानून-व्यवस्था से जुड़े विवादों से जोड़कर सवाल उठाए। राजभर ने रायबरेली में सपा नेताओं और पुलिस के बीच हुए कथित विवाद का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपने नेताओं के व्यवहार का समर्थन करने के लिए वहां पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर, सपा इस यात्रा को सामाजिक प्रतिनिधित्व और संगठन विस्तार से जोड़ रही है। इस तरह रायबरेली में शुरू हुई यात्रा ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी को भी तेज कर दिया है।
PDA यात्रा के जरिए अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामाजिक और संगठनात्मक आधार को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। रायबरेली को यात्रा के शुरुआती केंद्र के रूप में चुनने से सपा और कांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे की चर्चा भी फिर सामने आ गई है। अखिलेश यादव पहले ही गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। ऐसे में उनकी रायबरेली यात्रा को सपा के संगठनात्मक अभियान और सहयोगी दलों को राजनीतिक संदेश देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, आगामी चुनाव में गठबंधन और सीटों को लेकर अंतिम तस्वीर संबंधित दलों के फैसलों के बाद ही स्पष्ट होगी।

