ब्रिटेन के प्रिंस विलियम ब्रिटिश सरकार के अनुरोध पर सऊदी अरब के दौरे पर जा रहे हैं, लेकिन यह उनकी अब तक की सबसे जटिल और संवेदनशील विदेश यात्राओं में से एक मानी जा रही है।
रॉयल पैलेस के सूत्रों के अनुसार, प्रिंस ऑफ़ वेल्स अपनी संवैधानिक भूमिका को गंभीरता से लेते हैं और सरकार की ओर से अनुरोध मिलने पर ऐसे दौरे स्वीकार करते हैं। इससे पहले एस्टोनिया, पोलैंड, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका की उनकी आधिकारिक यात्राएं अपेक्षाकृत कम विवादित रही थीं, जबकि सऊदी अरब का दौरा अलग संदर्भ और चुनौतियाँ लेकर आया है।
सोमवार से शुरू होने वाले इस दौरे का एजेंडा ऊर्जा सहयोग और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब सऊदी अरब व्यापक विकास और बदलाव के दौर से गुजर रहा है।
प्रिंस विलियम ने सऊदी अरब में एमबीएस से मुलाक़ात की
सऊदी अरब की यात्रा से पहले प्रिंस विलियम को देश में मानवाधिकारों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी, जहां समलैंगिकता को अपराध माना जाता है और सार्वजनिक विरोध तथा राजनीतिक असहमति पर सख़्त सज़ाएं दी जाती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रिंस विलियम को सऊदी अरब में महिलाओं की भूमिका और उनके साथ होने वाले व्यवहार के बारे में भी अवगत कराया जाएगा। हाल के वर्षों में महिलाओं को कुछ अधिकार मिले हैं, जिनमें 2018 में ड्राइविंग की अनुमति शामिल है, लेकिन अब भी उन्हें पुरुषों की तुलना में कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है।
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सऊदी अरब में तेज़ी से बदलाव हो रहे हैं
अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक चैटम हाउस के मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका कार्यक्रम के विशेषज्ञ डॉ. नील क्विलियम ने कहा कि पिछले एक दशक में सऊदी समाज में बड़े बदलाव हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में नीति निर्धारकों की नई पीढ़ी पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और व्यावहारिक है। उन्होंने यह भी बताया कि ब्रिटेन सऊदी निवेश को आकर्षित करने की कड़ी प्रतिस्पर्धा में शामिल है।
डॉ. क्विलियम के अनुसार, सऊदी नागरिक तब सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं जब उन्हें सम्मान और मान्यता मिलती है। उन्होंने कहा कि किसी वरिष्ठ शाही प्रतिनिधि की यात्रा यही संदेश देती है।
साल 2021 में जारी एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया था कि मोहम्मद बिन सलमान ने 2018 में निर्वासित सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या को मंजूरी दी थी।बाइडन प्रशासन की रिपोर्ट में भी दावा किया गया कि सऊदी क्राउन प्रिंस ने खशोगी की “हिरासत या हत्या” को स्वीकृति दी थी।
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