यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। इसके तहत राज्य के सभी 75 जिलों में ओटीडी सीएम फेलो की नियुक्ति की जाएगी। यह योजना युवाओं को शासन से जोड़ने और विकास कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।
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इस नई पहल के अनुसार, हर जिले में दो-दो फेलो तैनात किए जाएंगे। यानी पूरे प्रदेश में कुल 150 फेलो काम करेंगे। इन फेलो का मुख्य काम सरकारी योजनाओं की निगरानी करना और उनकी प्रगति पर नजर रखना होगा, ताकि योजनाएं सही तरीके से लागू हो सकें।
हर जिले में दो सीएम फेलो, 50 हजार मासिक मानदेय तय
सरकार ने इन फेलो को आकर्षक मानदेय देने का भी फैसला किया है। प्रत्येक फेलो को हर महीने 50 हजार रुपये का वेतन मिलेगा। इसके अलावा उन्हें प्रशासनिक कामकाज समझने और जमीनी स्तर पर अनुभव हासिल करने का भी मौका मिलेगा।
ओटीडी सीएम फेलो की भूमिका केवल निगरानी तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वे जिलों में नवाचार और सुधार के सुझाव भी देंगे। वे अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे और विकास कार्यों को तेजी देने में सहयोग करेंगे। इससे शासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय बनने की उम्मीद है।
यूपी में OTD CM फेलो योजना लागू
इस योजना के जरिए सरकार युवाओं की प्रतिभा का उपयोग प्रशासनिक कार्यों में करना चाहती है। इससे पढ़े-लिखे युवाओं को एक मंच मिलेगा, जहां वे अपने विचारों और कौशल का उपयोग कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें सरकारी कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर भी मिलेगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा और योजनाओं का लाभ आम लोगों तक तेजी से पहुंचेगा। ओटीडी सीएम फेलो योजना राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत करेगी।
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कुल मिलाकर, यह योजना न केवल युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे प्रशासनिक तंत्र अधिक प्रभावी और परिणामदायी बनने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

